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स्कूलों में गीता पढ़ाना हो अनिवार्य, अगले सत्र में चर्चा के लिए आएगा विधेयक

Mon, 22 May 2017 09:51 AM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम Updated Mon, 22 May 2017 09:51 AM IST
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Bhagavad Gita compulsory in schools bill likely to come in next Parliament session

संसद के अगले सत्र में स्कूलों में गीता की पढ़ाई को अनिवार्य कराने वाला एक निजी विधेयक चर्चा के लिए लाया जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद रमेश बिधूड़ी की तरफ से ये बिल संसद में पेश किया गया है।

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बिधूड़ी कहते हैं गीता के उच्च विचार और शिक्षाओं की वजह से युवा बेहतर नागरिक बनने के साथ ही अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं। इस बिल को 'कम्पलसरी टीचिंग ऑफ भगवत गीता एज मोरल एजुकेशन टेक्स बुक इन एजुकेशन बिल-2016 कहा गया है। बिधूड़ी ने कहा है कि सिर्फ अल्पसंख्यक स्कूलों को छोड़कर, भारत के प्रत्येक संस्थान में गीता को नैतिक शिक्षा के तौर पर पढ़ाया जाना अनिवार्य किया जाना चाहिए। बिधूड़ी ने ये भी कहा कि सरकार को उन स्कूलों की मान्यता को रद्द कर देना चाहिए जो इस बिल का पालन न करें। 
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मार्च में पेश इस विधेयक में बिधूड़ी ने कहा है कि इस तरह के महाकाव्य की अनदेखी सही नहीं है जहां सभी के लिए सीखने के लिए बहुत कुछ मौजूद है। अब वक्त आ गया है कि गीता के प्रसार के लिए ईमानदारी से प्रयास किया जाए। गीता में प्रबंधन और नेतृत्व दोनों को लेकर कई विषय हैं। बिधूड़ी ने ये भी कहा कि इस विधेयक को लागू करने के लिए सरकार को 5 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी होगी। इस विधेयक की सदन ने अनुशंसा कर दी है और इसे अगले सत्र में चर्चा के लिए लाया जाएगा।

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