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West Bengal: 'टीएमसी विधायकों को शपथ लेने से नहीं रोक सकते राज्यपाल', ममता बनर्जी का सीवी आनंद बोस पर निशाना

Thu, 27 Jun 2024 06:33 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Thu, 27 Jun 2024 06:33 PM IST
सार

West Bengal: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के दो नव-निर्वाचित विधायक विधानसभा में ही शपथ ग्रहण समारोह पर अड़े हैं। उधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि राज्यपाल के पास विधायकों को शपथ ग्रहण से रोकने का कोई अधिकार नहीं है।   

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Bengal Governor has no right to disallow oath-taking of MLAs: Mamata
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और सीएम ममता बनर्जी - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इस लेकर टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर निशाना साधा है।   

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ममता बनर्जी का राज्यपाल पर निशाना
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्यपाल के पास शपथ ग्रहण प्रक्रिया को रोकने का कोई अधिकार नहीं है। इसके साथ ही टीएमसी प्रमुख ने कहा कि उन्हें एक महिला से कुछ शिकायतें मिलीं हैं। महिला ने दावा किया है कि कुछ घटनाएं सामने आने के बाद उन्हें राजभवन जाने में असुरक्षित महसूस होता है।  ममता बनर्जी ने कहा ‘एक महीना बीतने को है लेकिन मेरी पार्टी के विधायकों सायंतिका बंदोपाध्याय और रेयात हुसैन सरकार शपथ नहीं ले पा रहे हैं। राज्यपाल द्वारा शपथ ग्रहण में बाधा डाली जा रही है। विधायकों को जनता ने चुना है ना कि राज्यपाल ने। राज्यपाल के पास विधायकों को शपथ लेने से रोकने का कोई अधिकार नहीं है।’
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‘विधानसभा अध्यक्ष को अधिकृत करें राज्यपाल’
ममता बनर्जी ने कहा कि हर किसी को राजभवन जाने की क्या आवश्वयकता है? राज्यपाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को शपथ ग्रहण के लिए अधिकृत किया सकता है। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि कुछ महिलाओं द्वारा जानकारी दी गई है कि हाल ही में घटी कुछ घटनाओं की की वजह से उन्हें राजभवन जाने में डर लगता है। आपको बता दें कि कुछ समय पहले राजभवन में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि उनके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई। 

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क्या है शपथ ग्रहण समारोह विवाद?
दरअसल टीएमसी के नव-निर्वाचित विधायकों (बारानगर से निर्वाचित विधायक सायंतिका बंदोपाध्याय और भगबानगोला से निर्वाचित हुए रायत हुसैन सरकार) के शपथ ग्रहण समारोह स्थल को लेकर विवाद हो गया था। इस वजह से दोनों ही शपथ नहीं ले पाए थे। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने दोनों विधायकों को राजभवन में शपथ लेने को कहा था जिसे विधायकों द्वारा अस्वीकार कर दिया था। दोनों विधायक चाहते थे कि उनका शपथ ग्रहण समारोह विधानसभा में हो। इसके बाद दोनों विधायक विधानसभा परिसर में बी आर आंबेडकर की प्रतिमा के सामने बैठ गए। उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार उपचुनाव जीतने वाले उम्मीदवार के मामले में राज्यपाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को शपथ दिलाने का काम सौंपा जाता है।


उधर टीएमसी की नव-निर्वाचित विधायक सायंतिका बंदोपाध्याय ने कहा ‘हम राज्यपाल और संविधान का सम्मान करते हैं लेकिन वह हमें सम्मान नहीं दे रहे हैं।  उन्हें विधानसभा में आकर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करवाना चाहिए या विधानसभा अध्यक्ष को यह अधिकार देना चाहिए।’

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