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कर्नाटक चुनाव से पहले दो कन्नड़ नेता संघ के शीर्ष पदों पर
शरद गुप्ता, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Mar 2018 03:17 AM IST
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आरएसएस-बीजेपी
- फोटो : FILE PHOTO
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी ने रविवार को मनमोहन वैद्य और मुकुंद सी आर को सह सरकार्यवाह नियुक्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही संघ के सह सरकार्यवाह की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
मनमोहन वैद्य संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख हैं, जबकि मुकुंद सह बौद्धिक प्रमुख। वैद्य के पिता माधव गोविंद वैद्य संघ के लंबे समय तक प्रवक्ता रहे हैं और उनके अन्य तीन भाई भी संघ के प्रचारक हैं। वहीं मुकुंद कर्नाटक के रहने वाले हैं।
संघ के इतिहास में पहली बार दो सह सरकार्यवाह महाराष्ट्र के अलावा किसी एक ही राज्य से नियुक्त किए गए हैं। दत्तात्रेय होसबोले, जिन्हें सरकार्यवाह बनाए जाने की आशा थी, वह भी कर्नाटक के ही निवासी हैं। दो महीने बाद होने वाले कर्नाटक के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले संघ में दो कन्नड़ नेताओं का शीर्ष पदों पर नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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सरसंघचालक मोहन भागवत महाराष्ट्र के मूल निवासी हैं और भैया जी जोशी भी। संघ पर शुरू से ही मराठी ब्राह्मणों का दबदबा रहा है। मनमोहन वैद्य के सह सरकार्यवाह बनने से शीर्ष आठ पदों में से अब सिर्फ तीन पर मराठी ब्राह्मण हैं। जहां सुरेश सोनी और डॉ कृष्ण गोपाल उत्तर भारतीय हैं, वहीं पिछली प्रतिनिधि सभा में सह सरकार्यवाह बने वी भगैया तेलंगाना के रहने वाले हैं।
अभी तक केवल दो सरसंघचालक ही गैर मराठी हुए हैं। प्रोफेसर राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया उत्तर प्रदेश से थे और उनके बाद सरसंघचालक बने के सी सुदर्शन कर्नाटक से। सुदर्शन के साथ सरकार्यवाह रहे एच वी शेषाद्री भी कन्नड़ थे।
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मनमोहन वैद्य संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख हैं, जबकि मुकुंद सह बौद्धिक प्रमुख। वैद्य के पिता माधव गोविंद वैद्य संघ के लंबे समय तक प्रवक्ता रहे हैं और उनके अन्य तीन भाई भी संघ के प्रचारक हैं। वहीं मुकुंद कर्नाटक के रहने वाले हैं।
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संघ के इतिहास में पहली बार दो सह सरकार्यवाह महाराष्ट्र के अलावा किसी एक ही राज्य से नियुक्त किए गए हैं। दत्तात्रेय होसबोले, जिन्हें सरकार्यवाह बनाए जाने की आशा थी, वह भी कर्नाटक के ही निवासी हैं। दो महीने बाद होने वाले कर्नाटक के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले संघ में दो कन्नड़ नेताओं का शीर्ष पदों पर नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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सरसंघचालक मोहन भागवत महाराष्ट्र के मूल निवासी हैं और भैया जी जोशी भी। संघ पर शुरू से ही मराठी ब्राह्मणों का दबदबा रहा है। मनमोहन वैद्य के सह सरकार्यवाह बनने से शीर्ष आठ पदों में से अब सिर्फ तीन पर मराठी ब्राह्मण हैं। जहां सुरेश सोनी और डॉ कृष्ण गोपाल उत्तर भारतीय हैं, वहीं पिछली प्रतिनिधि सभा में सह सरकार्यवाह बने वी भगैया तेलंगाना के रहने वाले हैं।
अभी तक केवल दो सरसंघचालक ही गैर मराठी हुए हैं। प्रोफेसर राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया उत्तर प्रदेश से थे और उनके बाद सरसंघचालक बने के सी सुदर्शन कर्नाटक से। सुदर्शन के साथ सरकार्यवाह रहे एच वी शेषाद्री भी कन्नड़ थे।