{"_id":"5df2c1c28ebc3e87f0306600","slug":"bangladesh-foreign-minister-trip-delayed-due-to-busy-schedule","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने नाराजगी नहीं, व्यस्तता के कारण यात्रा टाली: विदेश मंत्रालय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने नाराजगी नहीं, व्यस्तता के कारण यात्रा टाली: विदेश मंत्रालय
Fri, 13 Dec 2019 04:10 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 13 Dec 2019 04:10 AM IST
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने अपनी भारत यात्रा को रद्द करने पर स्पष्टीकरण दे दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध काफी मजबूत हैं और यह हमारे रिश्तों का स्वर्ण युग है।
विज्ञापन
इससे पहले दिन में बांग्लादेश विदेश मंत्री मोमेन अपने निर्धारित कार्यक्रम से कुछ घंटों पहले ही भारत का दौरा रद्द कर दिया था। कहा जा रहा है कि उनका दौरा नागरिकता संशोधन बिल के पारित होने से उत्पन्न स्थिति के चलते रद्द हुई है। साथ ही बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के आरोपों पर देश के अंदर दौरा रद्द करने की बढ़ती मांग भी एक वजह कही जा रही है।
विज्ञापन
दरअसल मोमेन को तीन दिवसीय यात्रा पर गुरुवार शाम 5.20 बजे आना था। इस दौरान उन्हें हिंद महासागर संवाद के छठवें संस्करण और दिल्ली संवाद-11 के संयुक्त सत्र में हिस्सा लेना था। साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होनी थी।
विज्ञापन
दिल्ली का अपना दौरा रद्द करते हुए मोेमेन ने कहा कि उन्हें बुद्धिजीवी देबोश और बिजोय देबोश में शिरकत करनी है। साथ ही हमारे विदेश राज्य मंत्री मैड्रिड और विदेश सचिव हेग में हैं, इसके चलते भी उन्हें देश में मौजूद रहना जरूरी है।
इससे पहले मंगलवार को मोमेन ने गृह मंत्री अमित शाह के बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न संबंधी बयान पर कहा था कि दुनिया में कुछ ही ऐसे देश हैं, जहां बांग्लादेश जैसा अच्छा सांप्रदायिक सौहार्द है।
अमित शाह को कुछ दिन के लिए बांग्लादेश आना चाहिए, तभी उन्हें यहां के सांप्रदायिक सौहार्द का पता लगेगा। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि भारत के अंदर ही काफी परेशानियां हैं, पहले उन्हें उनसे निपटना चाहिए। हमें उससे कोई दिक्कत नहीं है लेकिन एक दोस्त देश होने के नाते हम इतना चाहते हैं कि भारत ऐसा कुछ नहीं करेगा, जिससे दोनों देशों के संबंध में तकरार आए।
नागरिकता पर मोमेन के बयान पर रवीश कुमार ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का धार्मिक उत्पीड़न मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान नहीं हुआ। लगता है इसे लेकर कुछ भ्रम है। हमने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दे दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत में शरण मांगने वाले बांग्लादेशी अप्रवासियों का उत्पीड़न सैन्य शासन और शेख हसीना की पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान धार्मिक आधार पर किया गया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार अल्पसंख्यकों की समस्याओं को अपने देश के कानून और अपने संविधान के तहत समाधान करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।