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बैसाखी के लिए पाकिस्तान के गुरुद्वारा पंजा साहिब जाएंगे 3000 भारतीय सिख श्रद्धालु
Sun, 19 Jan 2020 08:06 PM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 19 Jan 2020 08:06 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Facebook
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पाकिस्तान के हसन अब्दाल शहर में स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी मनाने के लिए दिल्ली से 11 अप्रैल को करीब 3000 सिख श्रद्धालु जाएंगे। ये सभी अटारी बार्डर के जरिए पाकिस्तान जाएंगे। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने रविवार को बताया कि सिख श्रद्धालु दिल्ली से 11 अप्रैल को जाएंगे और 21 अप्रैल को वापस लौटेंगे।
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अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से कहा है कि जो लोग 13 अप्रैल को बैसाखी के मौके पर पंजा साहिब जाने के इच्छुक हैं, वे लोग 15 फरवरी तक अपने पासपोर्ट डीएसजीएमसी में जमा करा दें। श्रद्धालु 13 और 14 अप्रैल को गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी का त्योहार मनाएंगे। इसके बाद वे लोग विशेष ट्रेन के जरिए 15 अप्रैल को गुरु नानक देव के जन्म स्थान ननकाना साहिब के लिए रवाना होंगे। 21 अप्रैल को अमृतसर लौटने से पहले श्रद्धालु गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा और गुरुद्वारा डेरा साहिब भी जाएंगे।
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वीजा के लिए 200 रुपये शुल्क
डीएसजीएमसी ने कहा है कि प्रत्येक श्रद्धालु को वीजा प्रक्रिया के लिए 200 रुपये शुल्क के साथ चार पासपोर्ट साइज फोटो और वैध पहचान पत्र तथा भारतीय पासपोर्ट की जरूरत पड़ेगी। सिरसा ने बताया कि जरूरी दस्तावेज को 25 फरवरी तक विदेश मंत्रालय में जमा कराना होगा जो कि पाकिस्तान उच्चायोग को भेजे जाएंगे। भारतीय और पाकिस्तान एजेंसियों द्वारा आवश्यक जांच पड़ताल के बाद वीजा मुहैया कराया जाएगा।
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पंजाब से 1800, दिल्ली से 555 श्रद्धालु जाएंगे
3000 श्रद्धालुओं के कुल कोटे में पंजाब से 1800, दिल्ली से 555 और हरियाणा से 200 लोगों को मौका मिलेगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल से पांच, बिहार से 14 और जम्मू-कश्मीर से 40 श्रद्धालु जा सकेंगे।