फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Badlapur sexual assault case: HC raps CID for taking lightly probe into killing of accused

Bombay High Court: 'हल्के में कैसे ले सकते हैं?' बदलापुर मामले के आरोपी की मौत मामले में CID को कोर्ट की फटकार

Mon, 02 Dec 2024 04:21 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 02 Dec 2024 04:21 PM IST
सार

Bombay High Court: बदलापुर स्कूल दुष्कर्म मामले के आरोपी की हत्या को लेकर उच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य सीआईडी इसे इतने हल्के में कैसे ले सकती है? यह एक अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें आरोपी की हिरासत में मौत हुई है।  

विज्ञापन
Badlapur sexual assault case: HC raps CID for taking lightly probe into killing of accused
बंबई उच्च न्यायालय। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

बंबई उच्च न्यायालय ने बदलापुर स्कूल दुष्कर्म मामले के आरोपी की गोलीबारी में हत्या की जांच को लेकर राज्य के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि सीआईडी ने मामले की जांच को हल्के में लिया है और जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने की कोशिश की जा रही है। 
विज्ञापन

 
अदालत ने कहा कि सभी मामलों में निष्पक्ष जांच की जरूरत होती है और सीआईडी के इस मामले में किए गए आचरण से शक पैदा होता है। इसके यह गलत संदेश जाता है कि वह न्यायिक जांच के दौरान पूरी जानकारी नहीं दे रही है। 
विज्ञापन


यह मामला आरोपी अक्षय शिंदे (24 वर्षीय) से जुड़ा है, जिसे बदलापुर इलाके में दो नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के आरोप में अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। उसे 24 सितंबर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। उच्च न्यायालय ने सीआईडी की कार्यशैली पर सवाल उठाया और कहा कि इस मामले में स्थानीय पुलिस से सीआईडी को इसलिए स्थानांतरित किया गया था, क्योंकि सीआईडी अधिक सक्षम मानी जाती है। लेकिन सीआईडी की  
विज्ञापन
विज्ञापन


'मेडिकल दस्तावेज सही तरीके से एकत्र क्यों नहीं किए?'
उच्च न्यायालय ने कहा, राज्य सीआईडी इसे इतने हल्के में कैसे ले सकती है? यह एक अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें आरोपी की हिरासत में मौत हुई है। सीआईडी से क्या उम्मीद की जा सकती है? न्यायालय ने यह भी पूछा कि मेडिकल दस्तावेज क्यों सही तरीके से एकत्र नहीं किए गए। 

अदालत ने सीआईडी की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
सीआईडी की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा, आपकी लापरवाही के कारण ही अब हम इस पर सवाल उठा रहे हैं। आप ठीक से जांच क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या जानबूझकर जानकारी को मजिस्ट्रेट से छिपाया जा रहा है? अदालत ने कहा कि सभी दस्तावेजों को ठीक से एकत्र करके मजिस्ट्रेट को सौंपा जाना चाहिए, ताकि जांच सही तरीके से हो और रिपोर्ट सही समय पर पेश की जा सके। 
 
आरोपी के पिता ने लगाया था फर्जी मुठभेड़ का आरोप
आरोपी अक्षय शिंदे के पिता अन्ना शिंदे ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की फर्जी मुठभेड़ में हत्या की गई। 


20 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई
पुलिस के मुताबिक, अक्षय शिंदे को 24 सितंबर को तलोजा जेल से ठाणे ले जाया जा रहा था। अक्षय ने पुलिस वैन में एक पुलिसकर्मी से पिस्तौल छीनी और उस पर गोली चलाई, जिससे पुलिसकर्मी घायल हुआ। जवाब में एक अन्य पुलिसकर्मी ने गोली चलाई, जिससे शिंदे की मौत हो गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी 2025 को तय की है। उस दिन मजिस्ट्रेट को अदालत में अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। 

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed