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कोरोना का अंत: आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान मिलकर करेंगे कोरोना का निदान
Tue, 05 Jan 2021 03:20 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 05 Jan 2021 03:20 AM IST
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Ayurveda Coronavirus
- फोटो : Amar Ujala
आयुर्वेद के क्षेत्र में 118 साल से काम कर रहे केरल के आर्य वैद्य शाला कोट्टकल (एवीएस) और सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी हैदराबाद (सीसीएमबी) मिलकर कोरोना पर आयुर्वेदिक नुस्खों के असर को परखेंगे।
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एवीएस की 500 से अधिक दवाएं प्रचलित हैं। संयुक्त शोध में एवीएस के मानक आयुर्वेदिक नुस्खे को सीसीएमबी प्रयोगशाला में विकसित कोरोना के विभिन्न प्रारूपों के खिलाफ इस्तेमाल करेगा और वायरस प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाएगा।
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सीसीएमबी के निदेशक राकेश मिश्रा ने बताया की यदि शोध में परिणाम अनुकूल मिलते हैं, तो भारत में दवा उद्योग के लिए यह खोज मील का पत्थर साबित होगी। वहीं एवीएस के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सीटी सुलेमान ने कहा कि हम यह शोध कर रहे हैं ताकि आयुर्वेद को आधुनिक संदर्भ में मान्यता मिल सके।
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