फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine

Ayodhya: 155 देशों की नदियों के जल से रामलला का अभिषेक, पाकिस्तान से युद्धग्रस्त यूक्रेन तक से कैसे आया पानी?

Sun, 09 Apr 2023 07:30 AM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sun, 09 Apr 2023 07:30 AM IST
सार

23 अप्रैल को भगवान रामलला का जलाभिषेक किया जाएगा। यह कार्यक्रम खास होगा क्योंकि जलाभिषेक 155 देशों और सात महाद्वीपों की नदियों और समुद्रों से लाए गए जल से होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी होगी।

विज्ञापन
Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine
भगवान रामलला का जलाभिषेक - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य जोरों पर है। इसी बीच, 23 अप्रैल को 155 देशों और सातों महाद्वीपों की नदियों और समुद्रों के जल से रामलला का जलाभिषेक किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला का जलाभिषेक करेंगे। साथ ही कई देशों के राजनयिक भी समारोह के गवाह बनेंगे।
विज्ञापन




विज्ञापन

Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine
अयोध्या में रामलला के दर्शन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
अयोध्या में क्या होने जा रहा है? 
23 अप्रैल को भगवान रामलला का जलाभिषेक किया जाएगा। यह कार्यक्रम खास होगा क्योंकि जलाभिषेक 155 देशों और सात महाद्वीपों की नदियों और समुद्रों से लाए गए जल से होगा। इससे पहले, यह पवित्र जल मणिरामदास की छावनी के सभागार में सुबह 10 बजे भव्य समारोह का आयोजन कर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला का जलाभिषेक करेंगे। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की भी मौजूदगी होगी।
विज्ञापन

Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह। - फोटो : amar ujala
कार्यक्रम में और कौन होगा?
समारोह में राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ के अलावा कई देशों के राजदूत भी शिरकत करेंगे। साथ ही योग गुरू बाबा रामदेव, विहिप के दिनेश चंद्र, संघ प्रचारक रामलाल, इंद्रेश कुमार, जैन आचार्य लोकेश मुनि, महामंडलेश्वर स्वामी यतेंद्रानंद गिरि, पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल जोगिंदर जसवंत सिंह, सांसद मनोज तिवारी, सांसद प्रवेश वर्मा सहित अन्य मौजूद रहेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। 20 से अधिक देशों के प्रवासी भारतीय नेताओं सहित अनेक देशों के राजनयिक भी मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन

Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine
रामलला के जलाभिषेक के लिए मकाऊ की नदी से लाया गया जल - फोटो : SOCIAL MEDIA
कहां-कहां से और कैसे लाया गया जल?
यह पवित्र जल दुनियाभर के 155 देशों और सात महाद्वीपों की नदियों और समुद्रों से लाया गया है। विशेष रूप से, पाकिस्तान की रावी नदी का जल भी जलाभिषेक के लिए इस्तेमाल होने वाले कलश में शामिल किया जाएगा। रावी का जल पहले पाकिस्तान के हिंदुओं ने दुबई भेजा था और फिर दुबई से दिल्ली लाया गया। अब इस जल को अयोध्या लाया जाएगा। 

पाकिस्तान के अलावा सूरीनाम, चीन, यूक्रेन, रूस, कजाकिस्तान, कनाडा और तिब्बत सहित कई अन्य देशों की नदियों से जल प्राप्त किया गया है। प्रत्येक देश के पवित्र जल को तांबे के लोटों में भरकर पैक व सील किया गया है। इन पर प्रत्येक देश के नाम व झंडे का स्टीकर चिपका है। इनको भगवे रिबन से सजाया गया है।

Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine
भाजपा नेता विजय जॉली और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय - फोटो : SOCIAL MEDIA
जल लाने वाले कौन हैं?
पवित्र जल प्रवासी भारतीयों ने अयोध्या राममंदिर जलाभिषेक के लिए भारत भेजा है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली भाजपा नेता और पूर्व विधायक विजय जॉली के दिल्ली स्टडी ग्रुप ने साल 2020 में जल एकत्रित करने की मुहीम शुरू की थी। जलाभिषेक वाले दिन ये टीम अयोध्या में जल से भरे कलश को सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी।

पूर्व विधायक विजय ने बताया, यहां तक कि युद्ध के दौरान ही रूस और यूक्रेन की नदियों के जल को भी एकत्रित किए गए। इकट्ठा किए गए जल से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के अभिषेक कार्यक्रम को बृहद स्वरूप देने की तैयारी है।

Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine
राम मंदिर - फोटो : SOCIAL MEDIA
राम मंदिर निर्माण की क्या स्थिति है?
राममंदिर के भूतल (गर्भगृह) का काम अब अंतिम चरण में पहुंच रहा है। अभी पत्थरों पर मेहराब बनाने का काम चल रहा है। अगले महीने से रामलला के घर की छत ढालने का काम शुरू हो जाएगा। राममंदिर के गर्भगृह का परिक्रमा पथ भी बन चुका है। मेहराब वास्तुकला का एक शानदार काम है जो किसी भी संरचना में लालित्य और सुंदरता जोड़ सकता है। 

मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर कई स्थानों पर मेहराब बनाने का काम चल रहा है। बीम के भी सभी स्तंभ तैयार हैं। इसी माह यह काम पूरा होते ही मई से राममंदिर की छत ढालने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। राममंदिर में दो परिक्रमा पथ बनाए जा रहे हैं जिसमें से गर्भगृह का परिक्रमा पथ बन चुका है। गर्भगृह की परिक्रमा केवल पुजारी ही कर पाएंगे।

Ayodhya: Ramlala jalabhishek on april 23 water water from rivers of 155 countries including Pakistan Ukraine
राम मंदिर - फोटो : SOCIAL MEDIA
यह कब तक पूरा होगा?
चम्पत राय का कहना है कि निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार कार्य संतोषजनक तरीके से आगे बढ़ रहा है। दिसंबर 2023 तक भूतल बनकर तैयार हो जाएगा। जब प्राण प्रतिष्ठा करनी होगी, उससे एक महीने, 15 दिन पहले तारीख घोषित कर दी जाएगी। पहले से तारीख घोषित करना ठीक नहीं है। एक सवाल के जवाब में चंपत राय ने कहा कि काशी कॉरिडोर का उद्घाटन दिसंबर में हुआ था। मैंने काशी के विद्वानों से राय ली है। हम दिसंबर में भी प्राण प्रतिष्ठा कर सकते हैं। मकर संक्रांति के आसपास की तिथि भी प्राण प्रतिष्ठा के लिए देखी जा रही है। विद्वान व संत-धर्माचार्य जो मत देंगे, उसी के तहत योजना बनेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed