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अयोध्या विवाद : कोर्ट रूम से लाइव, जज ने पूछा- बाबरी मस्जिद पहली बार कब कहा गया
Thu, 15 Aug 2019 06:08 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 15 Aug 2019 06:08 AM IST
सार
- हिंदू पक्षकार ने वेद-पुराणों और यात्रा वृत्तांतों का दिया हवाला
- बाबर अयोध्या गया था लेकिन उस प्रसंग के पन्ने बाबरनामा से गायब
- ईसा मसीह के जन्म से 57 साल पहले बना था मंदिर
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अयोध्या मसले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
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विस्तार
अयोध्या मामले की छठे दिन की सुनवाई के दौरान हिंदू पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है और वहां मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। लिहाजा शरीयत कानून के तहत यह मस्जिद वैध नहीं है। रामलला विराजमान की ओर से पेश वकील सीएस वैद्यनाथन ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष वेद-पुराणों और ऐतिहासिक यात्रा वृत्तांतों के जरिये अपनी दलीलों को सिद्ध करने की कोशिश की। यहां सवाल-जवाब के क्रम से समझिए आखिर सुनवाई के दौरान क्या कुछ हुआ।
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जस्टिस भूषण: स्कंद पुराण कब का है?
वैद्यनाथन: इसकी रचना महाभारत काल में हुई थी। यह बहुत पुरानी बात है लेकिन कितनी पुरानी है यह नहीं मालूम।
जस्टिस चंद्रचूड़: आप रिकार्ड के माध्यम से राम जन्मभूमि बताना चाह रहे है लेकिन देवता का नहीं।
वैद्यनाथन: वह स्थान ही भगवान है।
वैद्यनाथन: 1608 से 1611 के बीच भारत की यात्रा करने वाले जोसफ टाइफेनथेलर के मुताबिक, सरयू नदी केदक्षिण किनारे पर कई बिल्डिंग थी। एक भगवान राम की याद को लेकर था जबकि एक बिलंर्डग को स्वर्ग द्वार कहा जाता था। साथ ही उसनमें जिक्र था कि औरंगजेब ने भगवान राम के मंदिर को तोड़ा था। वह भले ही मंदिर ढहाने के गवाह नहीं थे लेकिन वह उस स्थान की परिक्रमा व कसौती पिलर के गवाह रहे हैं।
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जस्टिस बोबडे: मस्जिद को पहली बार बाबरी मस्जिद कब कहा गया?
वैद्यनाथन: 19 शताब्दी में
जस्टिस बोबडे: बाबरनामा इसे लेकर चुप है।
वैद्यनाथन: बाबरनामा में अयोध्या पर बाबर की जीत से संबंधित वर्णन गायब है।
राजीव धवन (मुस्लिम पक्षकारों के वकील): वह हम बाद में यह सब स्पष्ट कर देंगे। बाबरनामे में इससे संबंधित पन्ने गुम हैं लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि बाबरनामा इस बारे में चुप है। हमें मालूम है बाबर अयोध्या गया था लेकिन इसकेबाद के पन्ने गायब हैं।
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जस्टिस चंद्रचूड़ (वैद्यनाथन से): यानी आप दस्तावेजों के सहारे यह बताना चाह रहे हैं कि वह स्थान हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा रहा है।
वैद्यनाथन: हां
मंदिर तोड़ कर बनाई गई मस्जिद, शरीयत में यह वैध नहीं
Babri Masjid
सुनवाई के दौरान वैद्यनाथन ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि स्कंद पुराण में इस बात का जिक्र है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। यह भी जिक्र है कि सरयू नदी में स्नान करने के बाद रामजन्मभूमि की परिक्रमा करने से पुण्य मिलता है। उन्होंने कहा कि अदालत को इस पर नहीं जाना चाहिए कि यह कितना तार्किक है।
वैद्यनाथन ने 17वीं सदी में भारत की यात्रा पर आए अंग्रेज व्यापारी विलियम फिंच की यात्रा वृत्तांत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इसमें कहा गया है कि अयोध्या में एक किला या महल था और हिंदुओं का यह मानना है कि वहां भगवान राम का जन्म हुआ था। इसके अलावा वैद्यनाथन ने विदेशी यात्रियों के यात्रा वृत्तांतों के जरिये यह बताने की कोशिश की कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और जन्मस्थान में लोगों का अटूट विश्वास है।
वैद्यनाथन ने 17वीं सदी में भारत की यात्रा पर आए अंग्रेज व्यापारी विलियम फिंच की यात्रा वृत्तांत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इसमें कहा गया है कि अयोध्या में एक किला या महल था और हिंदुओं का यह मानना है कि वहां भगवान राम का जन्म हुआ था। इसके अलावा वैद्यनाथन ने विदेशी यात्रियों के यात्रा वृत्तांतों के जरिये यह बताने की कोशिश की कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और जन्मस्थान में लोगों का अटूट विश्वास है।
ईसा मसीह के जन्म से 57 साल पहले बना था मंदिर
राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थर
- फोटो : amar ujala
हिंदू पक्षकार ने ब्रिटिश सर्वाइवर मार्टिन के स्केच का जिक्र किया है, जिसमें 1838 के दौरान मंदिर के पिलर दिखाए गए थे। दावा किया गया है कि रामजन्मभूमि पर ईसा मसीह के जन्म से 57 साल पहले मंदिर बना था। हिंदुओं का मानना है कि मुगलों ने मंदिर तोड़ा। जब वैद्यनाथ ने कहा, यूरोप के इतिहास में तारीख को महत्व है, जबकि भारत के इतिहास में घटना को प्रमुखता दी गई है। इस पर जस्टिस बोबडे ने कहा कि तभी हमारे यहां इसे इतिहास कहा गया है, जिसमें तारीख नहीं घटना का जिक्र है।
तीन गुंबद बाबर ने बनवाए थे : शिलालेख
ram temple
वैद्यनाथन ने कहा कि अयोध्या में मंदिर को तोड़ने को लेकर दो अलग-अलग विवरण हैं। एक के मुताबिक, बाबर ने मंदिर को ढहाया था, जबकि दूसरे के मुताबिक, औरंगजेब ने मंदिर को तोड़ा था। लेकिन मस्जिद के शिलालेख बताते हैं कि विवादित स्थल पर तीन गुंबद बाबर ने बनवाए थे। साफ है कि वहां मंदिर था। मस्जिद उस जगह पर बनाई गई, जहां राम का जन्मस्थान था। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।