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Gujarat News: आईएस खोरासन के पांच संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, एटीएस ने पोरबंदर और सूरत में की बड़ी कार्रवाई

Sat, 10 Jun 2023 01:13 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 10 Jun 2023 01:13 PM IST
सार

आईएसकेपी एक अंतरराष्ट्रीय सलाफी-जिहादी संगठन है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी संगठन है। तीनों व्यक्ति पोरबंदर से मछली पकड़ने वाली एक नौका का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार कर ईरान के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचने और आईएसकेपी में शामिल होने की योजना बना रहे थे।

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ATS has arrested ISKP'S 4 persons including a foreign national from Porbandar
पकड़े गए आरोपी - फोटो : एएनआई

विस्तार

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गुजरात में गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम से एक दिन पहले आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने आईएस खोरासन प्रांत (आईएसकेपी) के आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक महिला समेत पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि एटीएस की टीम ने पोरबंदर और सूरत में बड़ा अभियान चलाकर इन पांचों को दबोचा है। गिरफ्तार चार आरोपी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं।

आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत प्राथमिकी दर्ज
गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विकास सहाय ने बताया, एटीएस को इनपुट मिला था कि कुछ लोग मछली पकड़ने वाली नाव से पोरबंदर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर अफगानिस्तान के रास्ते ईरान जाने की फिराक में हैं। जिसके बाद शुक्रवार सुबह पोरबंदर में छापा मारकर उबेद नासिर मीर, हनान हयात शोल और मोहम्मद हाजिम शाह को गिरफ्तार किया है। ये सभी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। तीनों ईरान पहुंचकर आईएसकेपी में शामिल होना चाहते थे। सहाय ने बताया कि पांचों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आईएसकेपी एक अंतरराष्ट्रीय सलाफी-जिहादी संगठन है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी संगठन है।

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आईएसकेपी मॉड्यूल के सदस्य हैं आरोपी
डीजीपी के मुताबिक, इन तीनों ने एटीएस को बताया कि श्रीनगर के जुबेर अहमद मुंशी और सूरत की सुमेरबानो हनीफ मलिक भी आईएसकेपी मॉड्यूल के सदस्य हैं और उनसे जुड़े हैं। इसके बाद एटीएस ने सूरत में सुमेराबानो के घर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। जुबेर अहमद को भी एटीएस ने दबोच लिया है। इनके पास से ‘वॉइस ऑफ खोरसान’ समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है जिससे पता चलता है कि ये सभी प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े थे।

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हैंडलर ने किया था आरोपियों को प्रशिक्षित
शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें अबू हमजा के रूप में पहचाने जाने वाले हैंडलर द्वारा प्रशिक्षित किया गया था और उन्हें कट्टरपंथी बनाया गया था। उन्होंने एटीएस को यह भी बताया कि श्रीनगर के जुबेर अहमद मुंशी और सूरत के सुमेरबानू हनीफ मालेक के रूप में पहचाने गए दो और व्यक्ति भी आईएसकेपी मॉड्यूल के सदस्य थे और उनसे जुड़े थे।
 

मोबाइल फोन, टैबलेट और धारदार हथियार बरामद
उन्होंने कहा, 'सूचना के आधार पर गुजरात एटीएस और सूरत अपराध शाखा ने सुमेरा मालेक के घर पर छापा मारा और वहां से 'वॉयस ऑफ खुरासान' जैसे कई कट्टरपंथी प्रकाशन जब्त किए। सुमेरा ने खुलासा किया कि वह अपने हैंडलर के संपर्क में थी और जुबेर के साथ घनिष्ठ संबंध में थी।' डीजीपी ने कहा कि पोरबंदर से हिरासत में लिए गए तीन लोगों के पास से उनकी व्यक्तिगत पहचान से संबंधित कई दस्तावेज और डिजिटल संचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री जैसे मोबाइल फोन, टैबलेट और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी जुबेर अहमद मुंशी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
 

मछली पकड़ने वाली नौका में बैठने का दिया गया था निर्देश
एटीएस ने एक विज्ञप्ति में कहा कि जब आरोपियों के क्लाउड स्टोरेज को एक्सेस किया गया, तो आईएसकेपी बैनर के साथ उनकी तस्वीरें, उन्हें निष्ठा की प्रतिज्ञा देते हुए एक नेता के वीडियो, उनके नेता की ऑडियो क्लिप और अन्य आपत्तिजनक फाइलें बरामद की गईं। इसमें कहा गया है कि तीनों को उनके हैंडलर अबू हमजा ने पोरबंदर पहुंचने और मछुआरों के रूप में मछली पकड़ने वाली नौका में बैठने और दिए गए जीपीएस लोकेशन तक पहुंचने के लिए नाव के कप्तान का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया था। पुलिस ने बताया कि वहां से उन्हें एक जहाज पर ईरान ले जाया जाना था और अफगानिस्तान के लिए फर्जी पासपोर्ट मुहैया कराए जाने थे और हेरात के रास्ते खुरासान पहुंचना था।
 

गृह राज्य मंत्री ने की एटीएस और अपराध शाखा की प्रशंसा
गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने इस अभियान के लिए एटीएस और सूरत अपराध शाखा की तारीफ की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह गुजरात पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी।

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