फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ATMs, banks dispensed 19 lakh fake notes

बैंकों और एटीएम ने लोगों को दिए कई लाख नकली नोट

Mon, 28 Nov 2016 04:48 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 28 Nov 2016 04:48 PM IST
विज्ञापन
ATMs, banks dispensed 19 lakh fake notes
- फोटो : demo pic

एटीएम और बैंक से पैसे निकालते वक्त लोगों को भरोसा रहता है कि जो नोट उन्होंने निकाले हैं वे असली हैं जबकि हमेशा ऐसा नहीं होता। नकली नोटों के संबंध में आई एक आरबीआई रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि बैंकों और एटीएम ने पिछले साढे़ तीन सालों में 15 करोड़ कीमत के 19 लाख जाली नोट पूरे देश में वितरित किए हैं। 

विज्ञापन


टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर में एक विश्लेषण के मुताबिक 100 रुपये के 5.42 लाख नकली नोट जिनकी कीमत 54.21 करोड़ है, 500 के 8.56 लाख जाली नोट जिनका मूल्य 42.8 करोड़ है और 1000 के 4.7 लाख नोट जिनकी कीमत 47 करोड़ रुपये हैं बैंकिंग प्रणाली के जरिए वितरित किए गए हैं।
विज्ञापन


अक्टूबर 2008 में  बंगलुरू सिटी रेलवे पर एलआईसी कर्मचारी राजू के साथ एटीएम से 500 के 9 नकली नोट निकलने का मामला हुआ था। राजु ने रिजर्वेशन काउंटर के पास लगे कैनरा बैंक के एटीएम से 5 हजार रुपये निकाले जब टिकट बुक करने लिए उसने रिजर्वेशन काउंटर पर निकाले गए नोट में से एक नोट दिया तो क्लर्क ने राजू से कहा यह नकली नोट है। राजू ने क्लर्क को स्लिप दिखाते हुए कहा वह अभी एटीएस से पैसे निकाल कर लाया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

'नकली नोट निकलते हैं तो एफआईआर दर्ज कराएं'

ATMs, banks dispensed 19 lakh fake notes

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एटीएम से जब एक नोट नकली निकलता है तो बैंक अक्सर रख लेते हैं लेकिन जब मशीन से सिंगल ट्रान्जेक्शन में चार से ज्यादा नकली नोट निकलें तो महीने के अंत में कोन्सोलिडेटिड रिपोर्ट पुलिस को भेजी जानी चाहिए। पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि अगर सिंगल ट्रान्जेक्शन में पांच या उससे ज्यादा नकली नोट निकलते हैं तो एफआईआर दर्ज कराएं। 

नकली नोटों से बचने के लिए आरबीआई ने बैंकों को दिशा-निर्देश दे रखे हैं कि पैसा जमा करने और एटीएम में कैश लोड करने से पहले जांच करें। सूत्रों के मुताबिक अक्सर नकली नोटों का जब भी मामले सामने आते हैं तो इसके लिए आउटसोर्सिंग और कर्मचारियों की कमी को दोषी ठहराया जाता है। इससे  नोटों की प्रामाणिकता की जाँच की बात पीछे छूट जाती है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि नकली नोटों की पहचान के लिए बैंक स्टाफ को प्रशिक्षण देने की सिफारिश की गई है। बैंकिंग प्रणाली में नकली नोट जरूर खत्म होने चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed