सोमवार से दिल्ली विधानसभा का सत्र, राजधानी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चाः आप
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सोमवार से विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। इस दरम्यान सभी विधायकों द्वारा दिल्ली और अपनी अपनी विधानसभा के सम्बन्ध में उठाए गए सवाल रखे जाएंगे।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिकारों को लेकर दिल्ली सरकार के हक में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम आशा करते हैं की इस बार विधान सभा में सभी अधिकारी विधायकों द्वारा पूछे गए सवालों का सही-सही और पर्याप्त उत्तर देंगे और पिछली दो बार की तरह अध्यक्ष साहब को ये नहीं कहना पड़ेगा कि अधिकारीयों ने जानबूझकर सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। भारद्वाज ने बताया कि सोमवार से शुरू होने वाले सत्र में सरकार की तरफ से जो अहम मुद्दे रखे जाने हैं वो इस प्रकार हैं-
- जल्द से जल्द दिल्ली के कोने कोने में सीसीटीवी कैमरे लग जाना।
- आइआइटी दिल्ली की रिपोर्ट को जल्द से जल्द लागू करना ताकि दिल्ली में जल भराव की समस्या का निदान किया जा सके।
- जल्द से जल्द डोर-स्टेप-डिलिवरी स्कीम शुरू की जाए।
- शुक्रवार को प्राइवेट मेंबर रेज्यूलेशन बिल पर चर्चा की जाएगी।
- आइएएस अधिकारीयों द्वारा जानबूझकर मीडिया और कोर्ट में गलत जानकारी देकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जाती है, इस सम्बन्ध में एक प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
- दिल्ली में आवारा कुत्तों और बंदरो के सम्बन्ध में भी एक प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसमे तय किया जाएगा की दिल्ली सरकार एमसीडी के साथ मिलकर इसके समाधान के लिए कुछ रणनीतियां बनाए।
कांवड़ियों के लिए खास इंतजाम
प्रेस वार्ता में मौजूद दिल्ली तीर्थ यात्री सेवा समिति के चेयरमेन कमल बंसल ने बताया कि इस बार दिल्ली सरकार की तरफ से दिल्ली में कावंड़ यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए दिल्ली सरकार पहले से भी बेहतर इंतजाम कर रही है!
दिल्ली सरकार ने इस बार 152 कैम्प लगाए हैं। हर बार ये कैम्प बांस बल्लियों और टेंट से बनाये जाते थे लेकिन इस बार दिल्ली सरकार कावंड़ यात्रियों के लिए जर्मन टेक्नोलॉजी वाले हेंगिंग पोर्टा केबिन लगवा रही है। ये पोर्टा केबिन केवल चार पिलर पर बन जाता है जिससे की पहले जितनी जगह में ही अधिक लोगो के रुकने का इंतजाम किया जा सकेगा। गर्मी की स्थिति को देखते हुए हर कैम्प से साथ एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है जो की वहां पानी की व्यस्था को सुनिश्चित करेगा।
कैंप में अक्सर शौचालय की समस्या रहती थी, इस बार एक प्राइवेट कम्पनी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। प्राइवेट कम्पनी द्वारा सभी शिविरों के बाहर बढ़िया कंडीशन के और साफ़ सुथरे शौचालय उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि किसी भी शिव भक्त को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
देश भर से लोग कावंड लेने दिल्ली से होकर गुज़रते हैं। हम पूरी कोशिश करेंगे की किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना न करना पड़े।