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विधानसभा चुनाव 2018: दिवाली गिफ्ट की आड़ में मतदाताओं को नहीं लुभा पाएंगे नेता, चुनाव आयोग रखेगा नजर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 03 Nov 2018 11:26 AM IST
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विधानसभा चुनाव वाले पांचों राज्यो में चुनाव की सरगर्मियां जोरों पर हैं। आचार संहिता लागू है और चुनाव आयोग कड़ी नजर रख रहा है। आचार संहिता की जद में अब दीपवाली के गिफ्ट भी आने वाले हैं। चुनाव में सुचिता बरकरार रहे इसलिए आयोग ने सभी उम्मीदवारों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं ताकि वो मतदाताओं को दिवाली गिफ्ट के नाम पर न लुभा सकें।
बधाई संदेश भी होंगे आयोग की जद में
चुनाव के दौरान त्योहार की चकाचौंध तो होगी मगर चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नेताओं के बधाई संदेश, दिवाली गिफ्ट और ग्रीटिंग कार्ड नहीं होंगे। आयोग ने इसे विज्ञापन की श्रेणी में डालने का निर्णय लिया है।
आयोग ने साफ किया है कि त्योहार की आड़ में वोटरों को लुभाने के हर प्रयास पर उनकी पैनी नजर होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बल्क एसएमएस, टीवी, रेडियो, सार्वजानिक स्थानों पर प्रचार के लिए उम्मीदवारों को पहले से अनुमति लेनी होगी। उम्मीदवारों को प्रमाणन समिति यानि एमसीएमसी से इजाजत लेनी होगी।
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सोशल मीडिया पर भी होगी आयोग की नजर
आयोग नामांकन के समय सभी उम्मीदवारों से उनके सोशल मीडिया खाते की जानकारी लेगा। इन खातों पर आयोग की कड़ी नजर होगी। आयोग बल्क एसएमएम का खर्च भी उम्मीदवारों के खाते से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा चुनाव में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए और किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए आयोग फेसबुक और ट्विटर से बात करके वर्कशॉप का आयोजन करने की सोच रहा है।
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बधाई संदेश भी होंगे आयोग की जद में
चुनाव के दौरान त्योहार की चकाचौंध तो होगी मगर चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नेताओं के बधाई संदेश, दिवाली गिफ्ट और ग्रीटिंग कार्ड नहीं होंगे। आयोग ने इसे विज्ञापन की श्रेणी में डालने का निर्णय लिया है।
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आयोग ने साफ किया है कि त्योहार की आड़ में वोटरों को लुभाने के हर प्रयास पर उनकी पैनी नजर होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बल्क एसएमएस, टीवी, रेडियो, सार्वजानिक स्थानों पर प्रचार के लिए उम्मीदवारों को पहले से अनुमति लेनी होगी। उम्मीदवारों को प्रमाणन समिति यानि एमसीएमसी से इजाजत लेनी होगी।
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सोशल मीडिया पर भी होगी आयोग की नजर
आयोग नामांकन के समय सभी उम्मीदवारों से उनके सोशल मीडिया खाते की जानकारी लेगा। इन खातों पर आयोग की कड़ी नजर होगी। आयोग बल्क एसएमएम का खर्च भी उम्मीदवारों के खाते से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा चुनाव में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए और किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए आयोग फेसबुक और ट्विटर से बात करके वर्कशॉप का आयोजन करने की सोच रहा है।