फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Assam to send 1000 youth to visit Cellular Jail to draw inspiration from freedom fighters

Assam: स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेने के लिए युवाओं को सेल्युलर जेल भेजेगी सरकार, बनाई यह योजना

Thu, 18 Aug 2022 07:58 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 18 Aug 2022 07:58 PM IST
सार

लोगों को प्रेरित करने और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए असम सरकार ने खास पहल की है। इसके तहत सरकार अपने राज्य के 1,000 युवाओं को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सेल्यूलर जेल भेजेगी। ये युवा वहां जाकर स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा ले सकेंगे। 
 

विज्ञापन
Assam to send 1000 youth to visit Cellular Jail to draw inspiration from freedom fighters
हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : facebook.com/himantabiswasarma

विस्तार

हमारे देश ने हाल ही में अपनी आजादी के 75 साल पूरे किए हैं। मोदी सरकार ने इस मौके को खास बनाने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का एलान किया था। इस अभियान के तहत पूरे साल आजादी के नायकों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अब आजादी के अमृत महोत्सव में क्रम में असम सरकार ने अपने राज्य के 1,000 युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेने के लिए सेल्यूलर जेल का शैक्षिक दौरा करने के लिए भेजने का निर्णय लिया है। इसके अलावा असम सरकार ने सभी उच्च विद्यालयों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को कक्षाओं में सभी शिक्षकों की तस्वीरें लगाने के लिए कहा है।

विज्ञापन


सेल्यूलर जेल का शैक्षिक दौरा करेंगे असम के 1000 युवा
दरअसल, लोगों को प्रेरित करने और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए असम सरकार ने खास पहल की है। इसके तहत सरकार अपने राज्य के 1,000 युवाओं को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सेल्यूलर जेल भेजेगी। 
विज्ञापन


स्वतंत्रता सेनानियों पर किए गए अत्याचारों की मूक गवाह है सेल्यूलर जेल 
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित सेल्यूलर जेल का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में खासा महत्व है। यह जेल अंडमान निकोबार द्वीप की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में बनी हुई है। इसे अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को कैद रखने के लिए बनाया गया था, जो कि भारत की भूमि से हजारों किलोमीटर दूर स्थित थी। सेल्यूलर जेल अंग्रेजों द्वारा भारत के स्वतंत्रता सेनानियों पर किए गए अत्याचारों की मूक गवाह है।
विज्ञापन
विज्ञापन


असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, यह यात्रा युवाओं में राष्ट्रवाद की भावना को जगाएगी। यहां जाने वाले युवा हमारे बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्रेरणा लेंगे। 

एक लाख मामलों को वापस लेगी सरकार
आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के आरोप में लंबित मामलों सहित राज्य सरकार एक लाख छोटे-मोटे मामलों को वापस लेगी। मुख्यमंत्री सरमा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए ये घोषणा की थी। उन्होंने कहा खा कि इससे न्यायपालिका पर बोझ कम होगा। गौरतलब है कि असम में कुल 400,000 मामले लंबित हैं। सरमा ने कहा था कि 1 लाख मामलों में कमी से न्यायपालिका को बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देने में मदद मिलेगी। वहीं, हर घर तिरंगा' आंदोलन के बारे में बोलते हुए सरमा ने कहा कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 17 करोड़ की कुल लागत के 42 लाख झंडे बेचे हैं। 

 कक्षाओं में लगाई जाएंगी शिक्षकों की तस्वीरें 
असम सरकार ने सभी उच्च विद्यालयों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को कक्षाओं में सभी शिक्षकों की तस्वीरें लगाने के लिए कहा है। असम की माध्यमिक शिक्षा निदेशक ममता होजई ने इस बाबत बुधवार को राज्य के सभी माध्यमिक विद्यालयों के लिए जारी कर दिया था।  17 अगस्त के आदेश में सभी स्कूलों के निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश जारी करें कि वे सरकार के निर्देशानुसार कक्षाओं में सभी शिक्षकों की तस्वीरों को लगाएं।


माध्यमिक शिक्षा निदेशक ममता होजई ने बताया कि इसका उद्देश्य शिक्षकों और अभिभावकों के बीच अधिक पारदर्शिता लाना है। कई बार माता-पिता शिक्षकों से मिलना चाहते हैं और अपने बच्चे के बारे में उनसे चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसा तब तक नहीं कर सकते जब तक वे शिक्षकों को ठीक से नहीं जानते। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed