Assam: 'उल्फा' के नाम पर रंगदारी, सुरक्षाकर्मियों पर हमले की साजिश! पुलिस की जवाबी गोलीबारी में एक शख्स घायल
Assam: डिब्रूगढ़ जिले में 'उल्फा' की ओर से जबरन वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार शख्स पुलिस की गोलीबारी में उस समय घायल हो गया, जब उसने सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश की। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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डिब्रूगढ़ जिले में 'उल्फा' की ओर से जबरन वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार शख्स पुलिस की गोलीबारी में उस समय घायल हो गया, जब उसने सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश की। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उग्रवादी संगठन की ओर से रंगदारी मांगे जाने के खिलाफ सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान में घायल व्यक्ति और एक अन्य महिला को अलग-अलग पकड़ा गया।
इन जिलों में चलाया जा रहा संयुक्त अभियान
डिब्रूगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्वेतांक मिश्रा ने कहा कि पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें रंगदारी मांगने की खबरों के बाद डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, शिवसागर और चराइदेव जिलों में अभियान चला रही हैं। उन्होंने कहा, 'हमें सूचना मिली थी कि कुछ लोग जबरन वसूली कर रहे हैं। वे उल्फा के नाम पर पैसे की मांग कर रहे थे, हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनके संगठन से संबंध हैं या नहीं।'
महिला से बैग बरामद, तीन लाख रुपये जब्त
एसपी ने कहा कि एक व्यक्ति को डिब्रूगढ़ के खोवांग से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक महिला को शुक्रवार दोपहर डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय परिसर के पास पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि महिला के पास से एक बैग बरामद किया गया है जिसमें तीन लाख रुपये थे। अधिकारी ने कहा, 'व्यक्ति के पास से कुछ नकदी बरामद की गई है। पूछताछ के दौरान, उसने हमें अपने घर में और नकदी होने की सूचना दी और हमारी टीम ने वहां से लगभग एक लाख रुपये जब्त किए।'
'सुरक्षाकर्मियों पर ग्रेनेड फेंकने वाला था आरोपी'
उन्होंने कहा, 'बाद में रात में उसने कहा कि पास के एक गांव में कुछ और पैसे हैं और हमारी टीम उसे घटनास्थल पर ले गई। हमारे कर्मियों ने उसके हाथ में ग्रेनेड जैसी चीज देखी, जिसे वह सुरक्षा टीम पर फेंकने वाला था। पुलिस ने उसे रोकने के लिए गोली चलाई और उसके पैर में गोली लग गई।' उन्होंने बताया कि आरोपी का फिलहाल इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है।
डीजीपी ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जबरन वसूली अभियान और गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने उल्फा जैसे प्रतिबंधित संगठन के नाम पर किसी भी गतिविधि के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने ट्वीट किया, 'कृपया सूचित किया जाए कि उल्फा के नाम पर धन एकत्र करना (असली या नकली) यूएपी अधिनियम की धारा 17, 21, 24, 26, 39 और 40 के प्रावधान के तहत आता है क्योंकि उल्फा एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है।'
राज्य के आर्थिक विकास नहीं बनने देंगे बंधक: डीजीपी
उन्होंने कहा कि ये प्रावधान धन एकत्र करने, आतंकवाद की आय का इस्तेमाल करने आदि के लिए हैं और उल्फा के लिए धन एकत्र करने में शामिल व्यक्तियों की संपत्ति जब्त हो सकती है, चाहे वह वास्तविक हो या नकली। डीजीपी ने कहा कि जिला पुलिस और सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि वे जबरन वसूली की मांग करने और/या इस तरह के धन की वसूली में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा, असम पुलिस ऐसे लोगों द्वारा राज्य के आर्थिक विकास को बंधक नहीं बनने देंगे। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे जबरन वसूली/रंगदारी के ऐसे संग्रह का हिस्सा न बनें।