असम: एनआरसी की सूची से बाहर हुए लोगों को लिए बन रहा सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर
- एनआरसी से बाहर हुए लोगों के लिए असम में डिटेंशन सेंटर बन रहा है
- 46 करोड़ की लागत से इसका निर्माण हो रहा है
- दिसंबर 2019 तक डिटेंशन सेंटर पूरी तरह बन कर तैयार हो जाएगा
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असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस यानि एनआरसी की अंतिम सूची 31 अगस्त को जारी हुई, सूची के जारी के होने के बाद 19 लाख लोगों एनआरसी से बाहर रखा गया है। हालांकि, सरकार उनको अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कई मौके देगी।
लेकिन जो लोग सूची से बाहर हैं, यानि जिन्हें विदेशी नागरिक माना गया है उन्हें रखने के लिए असम के गोलपाड़ा में सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। इसके लिए कई दिनों से जोर-शोर से काम जारी है। असम के गोलपाड़ा जिले के पश्चिम मटिया क्षेत्र में भारत के पहले डिटेंशन सेंटर में निर्माण कार्य पूरे जोरों पर चल रहा है।
इस डिटेंशन सेंटर का निर्माण करीब 46 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। सूत्रों से पता चला है कि इस डिटेंशन सेंटर में करीब 3000 लोगों को रखने की क्षमता है। निर्माण कार्य देख रहे जूनियर इंजीनियर राबिन दास ने बताया कि इस परियोजना पर काम दिसंबर 2018 में शुरू हुआ, हमारा लक्ष्य इसे दिसंबर 2019 तक पूरा करना है। इसके निर्माण पर करीब 46 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
गौरतलब है कि बीते 31 अगस्त 2019 को एनआरसी की अंतिम सूची जारी की गई जिसमें राज्य से 19 लाख लोगों का नाम बाहर रखा गया था। बाहर रखे गए लोगों को 120 दिन के भीतर असम में स्थापित 300 फॉरनर्स ट्रिब्यूनल में आवेदन करने का मौका दिया गया है।