फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   assam assembly election date announced mahagathbandhan against bjp make polls interesting sonowal left congress modi shah

असम में महागठबंधन ने विधानसभा चुनाव को बनाया दिलचस्प

Sat, 27 Feb 2021 12:47 PM IST
स्नेहा बलूनी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: स्नेहा बलूनी Updated Sat, 27 Feb 2021 12:47 PM IST
सार

  • 35 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट रखने की चुनौती
  • भाजपा ने गैरमुस्लिम बिरादरी की अस्मिता को असम की अस्मिता से जोड़ा

विज्ञापन
assam assembly election date announced mahagathbandhan against bjp make polls interesting sonowal left congress modi shah
नरेंद्र मोदी-सर्बानंद सोनोवाल (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

पूर्वोत्तर की राजनीति की धुरी असम है। बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एजीपी-बीपीएफ के साथ सत्ता हासिल कर चमत्कार कर दिखाया था। तब कांग्रेस को अचानक सक्रिय राजनीति में उतरे इत्र व्यवसायी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ से चुनाव पूर्व गठबंधन न करने की टीस थी। इस बार न सिर्फ यह टीस खत्म हुई है, बल्कि कांग्रेस ने अजमल से हाथ मिलाने के अलावा वामदलों और आंचलिक गणमोर्चा के साथ महागठबंधन बना कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

विज्ञापन


भाजपा की रणनीति
मुकाबला असम की अस्मिता बनाम धर्मनिरपेक्ष राजनीति है। भाजपा ने असम की अस्मिता के साथ गैरमुस्लिम बिरादरी की अस्मिता को जोड़ कर नया समीकरण बनाया है। इसके उलट विपक्षी महागठबंधन की पूरी कोशिश गैरराजग वोट को बिखरने से रोकने पर है। महागठबंधन के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर मुस्लिम वोट नहीं बंटे तो राज्य से राजग की सत्ता से विदाई की पटकथा लिखी जा सकती है।
विज्ञापन


बिखराव का भाजपा को मिला है लाभ
बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एजीपी और बीपीएफ के साथ गठबंधन बना कर कांग्रेस की डेढ़ दशक पुरानी सत्ता को खत्म कर दिया था। मुस्लिम राजनीति के पैरोकार एआईयूडीएफ के उदय के कारण इस बिरादरी के मतों में हुए बंटवारे ने पूर्वोत्तर की राजनीति में नई पटकथा लिखी थी। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी विपक्षी मतों में बंटवारे का सीधा लाभ भाजपा को मिला और पार्टी 14 में से नौ सीटें जीतने में कामयाब रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिधर मुसलमान, उधर सत्ता
राज्य में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी 35 फीसदी है। नौ जिले मुस्लिम बहुल हैं। राज्य की पचास से अधिक ऐसी सीटें हैं जहां मुसलमानों का एकमुश्त वोट किसी भी दल के लिए सत्ता का दरवाजा खोल देते हैं। हालांकि बीते लोकसभा और विधानसभा चुनाव में एआईयूडीएफ के कारण मुस्लिम मतों में बंटवारा हुआ और इसके साथ ही भाजपा ने पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य पर कब्जा जमाया।

महागठबंधन क्यों अहम?

राजनीति में हमेशा दो और दो चार नहीं होते। बीते कुछ सालों में ध्रुवीकरण के समांतर दूसरे वर्ग के ध्रुवीकरण ने सियासत में बड़ा बदलाव किया है। हालांकि, आंकड़ों के लिहाज से देखें तो कांग्रेस की अगुआई में बना महागठबंधन भाजपा के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। मसलन जिन चार दलों के बीच महागठबंधन हुआ है उनका वोट शेयर बीते चुनाव में 49 फीसदी था। जबकि राजग को 41.5 फीसदी वोट मिले थे। बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-एआईयूडीएफ का संयुक्त वोट राजग के 36 फीसदी से सात फीसदी अधिक था।

भाजपा की चुनौती

  • विपक्ष का महागठबंधन
  • पार्टी में तीन अलग-अलग ताकतवर गुट के बीच वर्चस्व की लड़ाई
  • पांच साल की सत्ता के कारण सत्ता विरोधी रुझान पाटने की चुनौती


ताकत

  • पीएम की लोकप्रियता
  • असम अस्मिता का सवाल
  • राज्य में कराए गए विकास कार्य


विपक्ष की ताकत

  • पहली बार महागठबंधन का अस्तित्व में आना
  • एनआरसी पर फैला भ्रम
  • मुस्लिम मतों के एकजुट होने की संभावना


कमजोरी

  • कद्दावर चेहरे का अभाव
  • महागठबंधन में एक चेहरे पर आमसहमति नहीं
  • बदरुद्दीन अजमल की राजनीतिक महात्वाकांक्षा

विधानसभा चुनाव 2016
 

पार्टी वोट प्रतिशत सीट
भाजपा 29.5 60
एजीपी 8.1 14
बीपीएफ 3.9 12
कांग्रेस 30.9 26
एआईयूडीएफ 13 13

लोकसभा चुनाव 2019
 
पार्टी वोट प्रतिशत सीट
राजग 45 9
कांग्रेस 35 3
एआईयूडीएफ 8 1

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed