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राजनीतिक निशाने पर हैं समीर वानखेड़े: राजनीतिक शोर में 'जांच' को दबाने का प्रयास, ये चाल पुरानी है

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 22 Oct 2021 05:21 PM IST
सार

मंत्री नवाब मलिक ने वानखेड़े से स्पष्टीकरण मांगा था कि वह दुबई में क्यों थे। जब पूरा फिल्मोद्योग मालदीव में था, तब क्या वानखेड़े का परिवार भी वहां था। यह सब वसूली मालदीव और दुबई में हुई है। इस मामले में तस्वीरें भी जारी की जाएंगी। इन आरोपों का जवाब देते हुए एनसीबी के जोनल डायरेक्टर ने कहा, मेरे ऊपर दुबई घूमने का जो आरोप लगा है, वह झूठ है...

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Aryan Khan Drugs Case: NCB zonal director Sameer Wankhede and NCP leader and minister in Maharashtra Nawab Malik alleged each other
समीर वानखेड़े और नवाब मलिक - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और एनसीपी नेता एवं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक आमने-सामने आ गए हैं। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल पड़ा है। मंत्री नवाब मलिक एक के बाद एक आरोप लगाए जा रहे हैं, तो वानखेड़े भी बहुत सधे हुए तरीके से उनका जवाब दे रहे हैं। क्या समीर वानखेड़े पॉलिटिकल टारगेट पर हैं, राजनीतिक शोर में बॉलीवुड से जुड़े ड्रग्स केस की जांच को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, इस बाबत कैबिनेट सचिवालय से सेक्रेटरी 'सिक्योरिटी' के पद से रिटायर हुए पूर्व आईपीएस एवं सीआईसी रहे यशोवर्धन आजाद कहते हैं, ये चाल पुरानी है। देश में पहले भी ऐसी चालें चली जाती रही हैं। ये 'काबिल' अफसरों का उत्साह तोड़ने का प्रयास है। विदेश में ऐसा नहीं होता। वहां न तो राजनीतिक और न ही मीडिया ट्रायल होता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद किसी मामले में प्रतिक्रिया दी जाती है।  

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एक-एक आरोपों का जवाब दे रहे वानखेड़े

समीर वानखेड़े ने मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज पर चल रही पार्टी से शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब सेशन कोर्ट ने भी आर्यन खान को जमानत देने से इंकार कर दिया है। इन सबके बीच एनसीबी और इसके जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े, महाराष्ट्र सरकार के निशाने पर आ गए हैं। वानखेड़े पर आरोपों की बौछार होने लगी है। हालांकि वे खुद के ऊपर लग रहे आरोपों का एक-एक करके जवाब दे रहे हैं। वानखेडे़ पर आरोप लगाया गया था कि वे दुबई गए थे। इस पर वानखेड़े ने कहा, वह कभी दुबई गए ही नहीं। मैं छोटा सा अधिकारी हूं। अगर मंत्री महोदय ड्रग्स पर कार्रवाई के लिए मुझे जेल में डालना चाहते हैं, तो उनका स्वागत करता हूं। वानखेड़े ने यह बात और कह दी कि इस तरह की हरकतों से मेरा हौसला कम नहीं होगा, उलटा वह बढ़ता ही जाएगा।

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दुबई जाने का आरोप झूठा

मंत्री नवाब मलिक ने वानखेड़े से स्पष्टीकरण मांगा था कि वह दुबई में क्यों थे। जब पूरा फिल्मोद्योग मालदीव में था, तब क्या वानखेड़े का परिवार भी वहां था। यह सब वसूली मालदीव और दुबई में हुई है। इस मामले में तस्वीरें भी जारी की जाएंगी। इन आरोपों का जवाब देते हुए एनसीबी के जोनल डायरेक्टर ने कहा, मेरे ऊपर दुबई घूमने का जो आरोप लगा है, वह झूठ है। जिस होटल का फोटो दिखाया गया है, वह तो मुंबई में ही है। मैं कभी भी दुबई नहीं गया। पूर्व आईपीएस यशोवर्धन आजाद कहते हैं, ये उन अफसरों के लिए गलत संदेश है जो ईमानदारी से अपना काम करना चाहते हैं। उनका उत्साह तोड़ा जा रहा है। राजनीतिक पक्ष, अफसर पर मनमर्जी से जांच को घुमाने का दबाव डालता है। अगर ऐसा कोई अहम पद है तो सरकार को वहां संबंधित अफसर की नियुक्ति करने से पहले सोच-विचार कर लेना चाहिए था। जब जांच चल रही है तो सरकार की तरफ से अफसर को परेशान किया जाता है, तो ये गलत परंपरा है। अफसर के चयन के समय यदि कोई पार्टी सबूतों सहित आवाज उठाती है तो वह ठीक है।

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जांच को प्रभावित करने का प्रयास

कई बार विपक्ष की किसी अफसर में रूचि या उसके प्रति अनिच्छा होती है तो वह उसी हिसाब से बयानबाजी करता है। जब कोई अफसर कार्यभार संभाल लेता है और किसी अहम केस की जांच को आगे बढ़ाता है, तब इस तरह के आरोप लगाना ठीक नहीं है। ये सब उसकी नियुक्ति से पहले होना चाहिए था। वानखेड़े को राजनीतिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। अगर उन्होंने किसी की गिरफ्तारी की है तो वह सबूतों के आधार पर की गई है। गंभीरता से मामले की जांच हो रही है। आरोपी की जमानत हो या न हो, ये फैसला तो अदालत करेगी। उसमें जांच एजेंसी की भूमिका नहीं होती। वहां दोनों पक्षों के वकील स्वतंत्र तरीके से अपनी दलील रखते हैं। चूंकि इस वक्त वानखेड़े, बड़े केस की जांच कर रहे हैं, इसलिए उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। ये संबंधित केस की जांच को प्रभावित करने का प्रयास है।

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