{"_id":"5fa5b58e8ebc3e9bd012677a","slug":"arnab-goswami-has-no-relief-from-high-court-second-day-too-and-hearing-on-bail-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"Arnab Goswami Arrest Case: अर्नब को दूसरे दिन भी नहीं मिली जमानत, आज फिर होगी सुनवाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Arnab Goswami Arrest Case: अर्नब को दूसरे दिन भी नहीं मिली जमानत, आज फिर होगी सुनवाई
Sat, 07 Nov 2020 12:51 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 07 Nov 2020 12:51 PM IST
विज्ञापन
अर्नब गोस्वामी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को बॉम्बे हाईकोर्ट से दूसरे दिन भी जमानत नहीं मिली। इंटीरियर डिजाइनर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शुक्रवार को अंतरिम जमानत अर्जी पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई अधूरी रह गई। इस पर शनिवार को सुनवाई होगी। अर्नब गोस्वामी को 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उन्हें एक स्कूल में बने कोविड सेंटर में रखा गया है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस शिंदे व जस्टिस एमएस कार्णिक की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, आमतौर पर जमानत के लिए पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट फिर सत्र न्यायालय में आवेदन होता है। जमानत न मिलने पर हाईकोर्ट में अर्जी दी जाती है।
विज्ञापन
इस पर अर्नब गोस्वामी के वकील हरीश साल्वे ने कहा, हाईकोर्ट को जमानत आवेदन पर सुनवाई का विशेष अधिकार है। उनके मुवक्किल की स्वतंत्रता दांव पर है। राज्य सरकार उन्हें परेशान करना चाहती है, क्योंकि उन्होंने अपने चैनल पर राज्य सरकार से सवाल पूछे थे। राज्य सरकार अर्नब को सबक सिखाना चाहती है। उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई है।
विज्ञापन
भाजपा विधायक और तीन अन्य हिरासत में
भाजपा विधायक राम कदम ने अर्नब की गिरफ्तारी के विरोध में मंत्रालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। पुलिस ने राम कदम और तीन अन्य को हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया। पुलिस उपायुक्त (जोन 1) शशिकुमार मीणा ने कहा, कदम बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
उद्धव ठाकरे का भी नाम
अन्वय नाईक के जिस सुसाइड नोट पर अर्णब को गिरफ्तार किया गया है, वैसे ही उस्मानाबाद में खुदकुशी करने वाले एक किसान दिलीप ढवले की पत्नी वंदना ढवले ने राज्य सरकार से न्याय मांगा है।
दरअसल, उस्मानाबाद में शिवसेना सांसद ओमराज निंबालकर ने दिलीप की चार एकड़ जमीन पर बैंक से कर्ज लिया था, लेकिन चुकाया नहीं। इससे परेशान होकर दिलीप ने 12 अप्रैल, 2019 को अपने खेत में आत्महत्या कर ली थी। ढवले के सुसाइड नोट में निंबालकर के अलावा उद्धव का भी नाम लिखा था।