{"_id":"592ba0bb4f1c1bea53bda99f","slug":"army-raises-its-new-infantry-division-on-lac-in-ladakh-under-mountain-strike-corps","type":"story","status":"publish","title_hn":"LAC पर चीन को जवाब देने की तैयारी, पहली बार तैनात होगी स्ट्राइक कॉर्प्स","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
LAC पर चीन को जवाब देने की तैयारी, पहली बार तैनात होगी स्ट्राइक कॉर्प्स
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
Updated Mon, 29 May 2017 12:43 PM IST
विज्ञापन
भारतीय सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : publicTV
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर पाकिस्तान की नापाक कोशिशों को जवाब देने में व्यस्त में भारत अब चीन को भी गंभीरता से ले रहा है। भारत 4,057 लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अपनी तैनाती बढ़ाने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाक के एलओसी पर नियमों की अनदेखी के बाद भारत चीन की ओर से कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है।
विज्ञापन
सेना लदाख से सटी एलएसी पर अपनी सक्रियता तेज कर रही है। अब भारतीय सेना माउटेन स्ट्राइक कॉर्प्स की मदद से चीन पर नजर बनाए रखने की तैयारी में है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के सेना ने माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स के दूसरे डिविजन इनफेंट्री डिविजन को सक्रिय करने में जुट गई है।
विज्ञापन
दरअसल, 72 डिविजन जिसका हेडक्वाटर पठानकोठ में है, को तीन साल के अंदर पूरी तरह से ऑपरेशनल बनाने की तैयारी की जा रही है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब भारत चीन के खिलाफ स्ट्राइक कॉर्प्स की तैनाती की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
आर्मी ने 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स की शुरुआत साल 2014 में की थी। इस 17 कॉर्प्स में नए हथियार, एयर डिफेंस और इंजीनियर्स ब्रिगेड्स को लदाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैलाया जाएगा। बताया जा रहा है कि 2021 तक चलने वाले इस ऑपरेशन में करीब 90 हजार की सैनिकों होंगे और इस पर करीब 64000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इतना ही नहीं चीन की पिपल लिबरेशन आर्मी सेना को टक्कर देने वाले और तोपखाने, बख्तरबंद, एयर डिफेंस, इंजिनियर ब्रिग्रेड से लैस इस 17 कॉर्प्स को लदाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैलाया जाएगा। इसमेंअग्नि सीरीज की न्यूक्लिय बैलेस्टिक मिसाइल, फाइटर जेट्स, टैंक्स और सुपर मिसाइल छोड़ने वाला ब्रह्मोस भी शामिल है।