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कॉलेजियम की सिफारिश के छह महीने में हो हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति : सुप्रीम कोर्ट
Wed, 11 Dec 2019 02:11 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 11 Dec 2019 02:11 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने देश के विभिन्न हाईकोर्ट में 1079 जजों के पदों में से करीब 410 खाली होने को बेहद गंभीरता से लिया है। शीर्ष अदालत ने इन पदों पर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियमों और सरकार की तरफ से जजों के नाम को हरी झंडी मिलने के छह महीने के अंदर नियुक्ति किए जाने का आदेश दिया है।
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जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने छह दिसंबर को दिए अपने आदेश में कहा है कि जिन मामलों में हाईकोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और सरकार की मंजूरी मिल चुकी है, कम से कम वहां ये नियुक्तियां छह महीने के अंदर कर दी जाएं। दरअसल पीठ एक ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो मूल रूप से ओडिशा में दाखिल की गई थी।
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ओडिशा में वकीलों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाईकोर्ट की सर्किट बेंच के गठन की मांग को लेकर विभिन्न जिलों में हड़ताल की हुई थी। पीठ ने गौर किया कि अखिल भारतीय आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में हाईकोर्ट जजों के 1079 पद मंजूर हैं, लेकिन महज 669 जज ही काम कर रहे हैं। शेष बचे 410 पदों में से 213 के लिए सिफारिश की प्रक्रिया सरकार या सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पास लंबित है, जबकि बाकी बची 197 रिक्तियों के लिए हाईकोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश अभी तक मिलनी बाकी है।
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इस मामले में शीर्ष अदालत की मदद कर रहे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने हाईकोर्ट जजों के खाली पदों को भरने की राह में मौजूद समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ओडिशा में हाईकोर्ट कॉलेजियम ने 12 नामों की सिफारिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम से सेवा और बार जजों के लिए दो ही नामों को हरी झंडी मिल सकी।
इस पर पीठ ने कहा, इस मामले में एक पहलू न्यायपालिका द्वारा देखा जा सकता है कि परामर्शदाता जजों की तरफ से मिले इनपुट पर हाईकोर्ट कॉलेजियम और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की एक राय है या नहीं। पीठ ने कहा, ऐसे भी मामले हैं, जहां सरकार ने सिफारिश के साथ नामों को वापस भेज दिया। यह पहलू भी हमारे सामने महत्वपूर्ण है। पीठ ने हालांकि कहा कि ऐसे मामलों में जहां सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के कॉलेजियमों की संस्तुति को केंद्र ने मंजूरी दे दी है, वहां छह महीने में नियुक्ति हो जाए।