{"_id":"62ec6bb81c46e707ba3c447d","slug":"apna-dal-s-state-level-party-assembly-poll-results-took-rlds-status-in-crisis","type":"story","status":"publish","title_hn":"Apna Dal: अपना दल (एस) राज्यस्तरीय पार्टी, संकट में रालोद का दर्जा, विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बिगाड़ा समीकरण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Apna Dal: अपना दल (एस) राज्यस्तरीय पार्टी, संकट में रालोद का दर्जा, विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बिगाड़ा समीकरण
Fri, 05 Aug 2022 06:30 AM IST
योगेश साहू
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली।
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 05 Aug 2022 06:30 AM IST
सार
Apna Dal S : यूपी विधानसभा चुनाव में कई छोटे दलों ने अपनी किस्मत आजमाई। इनमें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को दो सीटें मिलीं। हालांकि इन दलों को एक फीसदी से भी कम वोट हासिल हुए।
विज्ञापन
अपना दल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Apna Dal S : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों ने कई दलों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में तीसरा स्थान हासिल करने वाले अपना दल (एस) को राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा दिया है। वहीं, सपा के साथ चुनाव लड़े राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा छिनना तय है। विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा, बसपा और कांग्रेस का राष्ट्रीय दल का दर्जा बरकरार है। वहीं राज्य स्तरीय दल के रूप में अब सपा और अपना दल (एस) ही बचे हैं।
विज्ञापन
चुनाव आयोग के मुताबिक अपना दल (एस) को हालिया विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन और बीते लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीतने का लाभ मिला है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभावी रालोद का राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता का छिनना तय है।
विज्ञापन
रालोद राज्यस्तरीय दल के रूप में जरूरी मानदंड पूरे नहीं कर रहा है। आयोग ने अपना दल (एस) को राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता देने संबंधी पत्र जारी कर दिया है, जबकि बृहस्पतिवार को हुई विवेचना में रालोद को इसके उपयुक्त नहीं पाया गया है। आयोग जल्द ही इससे संबंधित अधिसूचना जारी करेगा।
विज्ञापन
ये पांच शर्तें करनी होती हैं पूरी
राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए पांच शर्तें तय की गई हैं। इसके लिए, विधानसभा चुनाव में छह फीसदी वोट और कम से कम दो सीटें जीतना, लोकसभा चुनाव में छह फीसदी वोट और एक सीट हासिल करना, राज्य की कुल सीटों का तीन फीसदी वोट हासिल करना, लोकसभा की 25 सीटों में से कम से कम एक सीट पर जीत और सीट नहीं जीतने की स्थिति में भी कुल आठ फीसदी मत हासिल करना जरूरी है। बीते विधानसभा चुनाव में रालोद को आठ सीटें और तीन फीसदी से कम वोट हासिल हुए थे। लोकसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व शून्य है।
शर्त के करीब नहीं पहुंच पाए दूसरे दल
विधानसभा चुनाव में कई छोटे दलों ने अपनी किस्मत आजमाई। इनमें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को दो सीटें मिलीं। हालांकि इन दलों को एक फीसदी से भी कम वोट हासिल हुए। अपना दल कमेरावादी जैसे कई दल इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाए।