राजनेता के रूप में वादे पूरे न कर पाने का है मलाल: Big B
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महानायक अमिताभ बच्चन का राजनीति के साथ भले ही कम समय वास्ता रहा हो लेकिन वह उसे अभी भूले नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र इलाहाबाद के लोगों से किए गए वादों को पूरा न कर पाने का मलाल है।
इस कारण वह अब भी उस दौर से उबर नहीं पाए हैं।
बच्चन ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘मैंने वह सब करने की कोशिश की जो मैं समाज के लिए कर सकता था, लेकिन इस बात को लेकर इलाहाबाद के लोगों मे मेरे प्रति हमेशा नाराजगी रहेगी।’
'राजनीति में भावनाओं की कोई जगह नहीं'
73 वर्षीय राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने अपने पुराने पारिवारिक दोस्त राजीव गांधी के समर्थन में राजनीति में प्रवेश करने के लिए 1984 में अभिनय से कुछ समय के लिए दूरी बनाई थी।
उन्होंने इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि, उनका राजनीतिक कैरियर थोड़े समय के लिए ही रहा क्योंकि उन्होंने तीन साल बाद ही इस्तीफा दे दिया था।
बच्चन ने कहा राजनीति में शामिल होने का निर्णय भावनात्मक था लेकिन जब वह इसमें प्रवेश कर गए तो उन्हें पता लगा कि राजनीति में भावनाओं का कोई स्थान नहीं है।