फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah and Mohan Bhagwat meet in Mumbai over Ram Temple issue

देर रात भागवत से मिलने मुंबई पहुंचे अमित शाह, राम मंदिर निर्माण पर हुई चर्चा?

Fri, 02 Nov 2018 10:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Fri, 02 Nov 2018 10:46 AM IST
विज्ञापन
Amit Shah and Mohan Bhagwat meet in Mumbai over Ram Temple issue
अमित शाह-मोहन भागवत

उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर सुनवाई अगले साल जनवरी तक के लिए टाल दी है। इससे साधु संत के साथ ही भाजपा के अंदर से भी विरोध की आवाजें उठ रही हैं। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सरकार से इस मसले पर एक अध्यादेश लाने के लिए कह रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शु्क्रवार की देर रात मुंबई के रामभाऊ महालगी प्रबोधनी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बीच बैठक हुई। माना जा रहा है कि दोनों में मंदिर निर्माण सहित चुनाव को लेकर चर्चा हुई।

विज्ञापन


संघ मंदिर निर्माण को लेकर सख्त रुख अख्तियार किए हुए है। इसी वजह से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। शाह और भागवत के बीच विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। बुधवार को आरएसएस ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के शीघ्र निर्माण के लिए अध्यादेश लाने या फिर कानून बनाने की अपनी मांग को दोबारा दोहराया था। दोनों के बीच बंद दरवाजों में यह बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो मुलाकात में राम मंदिर और सबरीमाला पर बातचीत हुई। दोनों के बीच एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई।
विज्ञापन


मंदिर निर्माण को लेकर अमित शाह ने खुलकर बयान दिया है। एक महीने पहले उन्होंने कहा था कि वह चाहते हैं कि राम मंदिर का निर्माण 2019 से शुरू हो जाए। हाल ही में उन्होंने कहा था कि विवादित जमीन के मालिकाना हक के बारे में फैसला करते वक्त इस बात को दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि भगवान राम के जन्मस्थान पर स्थित उनके मंदिर को गिराया गया है। उन्होंने कहा था कि हमें यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि 600 साल पहले अयोध्या के राम मंदिर को गिराया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले दिनों संघ ने कहा था कि सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करनी चाहिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में कानून बनने की जरूरत है ताकि अयोध्या में जल्दी से जल्दी राम मंदिर का निर्माण हो सके। बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने बीते सोमवार को कहा था कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले में दायर दीवानी अपीलों को जनवरी, 2019 में एक उचित पीठ के सामने सूचीबद्ध किया जाएगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने यह बात कही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed