नवाज शरीफ के फिर बदले सुर, मोदी को दिया पाक आने का न्यौता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर को लेकर चल रही कड़वाहट के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्यौता भेजा है। यह न्यौता अक्टूबर में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन के लिए भेजा गया है।
पाकिस्तानी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने दक्षेस सदस्य देशों के नेताओं को इस सम्मेलन में आने की दावत भेजी है और वह उनका इस्लामाबाद में स्वागत करने को उत्सुक हैं।
बहरहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भारत और पाकिस्तान के संबंधों में चल रहे तनाव को देखते हुए क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस महीने की शुरुआत में दक्षेस गृहमंत्री सम्मेलन में भाग लेने के लिए राजनाथ सिंह इस्लामाबाद पहुंचे थे, लेकिन उस दौरान दोनों देशों के बीच कड़वाहट देखने को मिली।
बाद में दक्षेस वित्तमंत्री शिखर सम्मेलन में अरुण जेटली नहीं पहुंचे और भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास को भेजा।
'पीओके और आतंक पर वार्ता को तैयार है भारत'
पाकिस्तानी विदेश विभाग ने जानकारी दी है कि दक्षेस के नौ पर्यवेक्षकों को भी इस शिखर सम्मेलन के लिए न्यौता भेजा गया है।
उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर पर परिणाममूलक बातचीत करना चाहता है और पाकिस्तान को पता है कि भारत के मुताबिक इस मुद्दे का अपेक्षित परिणाम पाकिस्तान द्वारा कश्मीर के उस हिस्से से अपना अवैध कब्जा हटाना है।
डॉ. जयशंकर ने पाक को यह भी याद दिलाया है कि बातचीत 1972 के शिमला समझौते, 1999 के लाहौर घोषणापत्र और 2004 के संयुक्त वक्तव्य के आधार पर होनी चाहिए। हालांकि पाक की ओर से इस पेशकश पर कोई टिप्पणी अभी आनी बाकी है।