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राफेल जेट के लिए अंबाला, हासिमारा एयरफोर्स अड्डों पर तैयारी शुरू
एजेंसी/अंबाला
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:08 PM IST
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भारतीय वायुसेना ने राफेल फाइटर प्लेन की पहली स्क्वाड्रन की तैनाती के लिए अपने अग्रिम पंक्ति के बड़े अड्डों को उन्नत बनाने का काम शुरू कर दिया है। वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने राफेल विमानों के लिए 78 साल पुराने अड्डे पर 14 शेल्टर, हैंगर और रखरखाव की सुविधाएं स्थापित करने के लिए पहले ही 220 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
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राफेल विमानों की आपूर्ति सितंबर, 2019 से शुरू होगी। अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘हम राफेल विमानों के लिए अगले 40-50 साल तक की बुनियादी ढांचे की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ढांचा तैयार कर रहे हैं।’ अंबाला स्थित यह वायुसेना अड्डा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित अड्डों में से एक है। यह भारत-पाक सीमा से करीब 220 किलोमीटर दूर है। फिलहाल इस अड्डे पर जगुआर विमानों की दो स्कवाड्रन और मिग-21 बिसन विमानों की एक स्कवाड्रन है।
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वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह स्वतंत्र भारत में अंबाला अड्डे के पहले कमांडर थे। हाल ही में उनका निधन हुआ। भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में हासिमारा अड्डे पर भी बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने का काम चल रहा है। यहां राफेल विमानों की दूसरी स्क्वाड्रन होगी। अधिकारी ने कहा, ‘हम अगले साल के आखिर तक राफेल विमानों के लिए सभी बुनियादी ढांचे तैयार कर रहे हैं।
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अर्जन सिंह की विरासत का जश्न
भारतीय वायुसेना अपने दिवंगत मार्शल अर्जन सिंह की विरासत का जश्न मनाने की योजना बना रही है। इससे युवा उनकी विशिष्टताओं का अनुकरण करने के लिए प्रेरित हो सकेंगे। वाइस चीफ ऑफ एअर स्टाफ एअर मार्शल एसबी देव ने कहा, ‘वह (अर्जन सिंह) एक आदर्श थे, जिन्हें न सिर्फ उनकी महान पेशेवर उपलब्धियों के कारण बल्कि उनके मानवीय गुणों की वजह से भी व्यापक रूप से सराहा गया।
वह एक महान हस्ती थे और उनका जीवन हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। सिंह का पिछले महीने 98 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह पांच सितारा रैंक (मार्शल) पाने वाले भारतीय वायुसेना के एकमात्र अधिकारी थे।