{"_id":"5864fd654f1c1b265eeeba21","slug":"amar-ujala-poll-people-considered-oldest-structure-in-railway-responsible-for-accidents","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला पोल : जनता की नजर में हादसों के लिए रेलवे का पुराना ढांचा जिम्मेदार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अमर उजाला पोल : जनता की नजर में हादसों के लिए रेलवे का पुराना ढांचा जिम्मेदार
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 29 Dec 2016 05:59 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला पोल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के पास रूरा में बुधवार तड़के हुए दूसरे बड़े रेल हादसे के बाद रेलवे की तमाम खामियां सामने आ गई। सबसे बड़ी लापरवाही तो ये है कि पुखरायां रेल हादसे से कोई सबक क्यों नहीं लिया गया? एक ओर भारत को डिजिटल बनाने की कवायद चल रही है तो दूसरे ओर ऐसे रेल हादसों से निपटने के लिए कोई सटीक इंतजाम क्यों नहीं किए जा रहे।
विज्ञापन
एक दिन पहले ही पुखरायां के पास ही इदौर-पटना एक्सप्रेस एक बार फिर हादसे का शिकार होते-होते बची थी। पटरी टूटी होने की बात सामने आई थी। बुधवार को हुए रेल हादसे में अजमेर सियालदह एक्सप्रेस की दो बोगियां नहर में गिर गई। इससे एक बात तो साफ हो गई कि रेलवे विभाग हादसों को लेकर अलर्ट नहीं है। कानपुर में पिछली रेल दुर्घटना और इस दुर्घटना का कारण पहली नजर में तो एक जैसा ही लग रहा है। सवाल ये उठता है कि रेलवे प्रशासन सतर्क क्यों नहीं है।
विज्ञापन
कब तक जर्जर पटरियों में ट्रेनें दौड़ाई जाएंगी। इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल किया। पोल में सवाल पूछा, 'लगातार होते रेल हादसों के लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं?' इस सवाल के जवाब के लिए पाठकों को तीन विकल्प दिए गए। पहला विकल्प था-रेलवे का पुराना ढांचा, दूसरा-रेलवे की लचर कार्यप्रणाली और तीसरा विकल्प सरकारों की उदासीनता।
विज्ञापन
पोल में कुल 7,047 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 39.8 फीसदी यानि 2,805 पाठकों ने माना कि रेलवे का पुराना ढांचा रेल हादसों के लिए जिम्मेदार है। वहीं, 34.09 फीसदी यानि 2402 पाठकों ने दूसरे विकल्प यानि रेलवे की लचर कार्यप्रणाली को दोषी ठहराया। 26.11 फीसदी यानि 1804 पाठकों ने रेल हादसों के लिए सरकारों की उदासीनता को जिम्मेदार बताया।