{"_id":"57ac60544f1c1be15bee5966","slug":"amar-ujala-pole-over-kashmir-unrest","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला पोलः हिंसा का हल बातचीत है इस पर आधे लोग नहीं हैं सहमत ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अमर उजाला पोलः हिंसा का हल बातचीत है इस पर आधे लोग नहीं हैं सहमत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Aug 2016 04:54 PM IST
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फाइल फोटो
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आतंकवादी बुरहानी वानी की मौत के बाद कश्मीर घाटी में रुक-रुककर हिंसा का दौर जारी है। कश्मीर में स्थायी तौर पर शांति कैसे बनाई जा सकती है इस विषय पर अमर उजाला ने एक पोल सर्वे कराया था। हजारों लोगों ने इस सर्वे पर वोट किए।
पोल का सवाल था कि "क्या युवाओं से बातचीत ही कश्मीर में शांति कायम करने का एकमात्र रास्ता है?" इस प्रश्न का उत्तर देने वाले पूरी तरह से बंटे हुए हैं। पोल में उत्तर देने वाले लोगों में से 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कश्मीर में शांति तभी आ सकती है जब युवाओं से बात की जाए। बिना उनसे शांतिपूर्वक बात किए हुए किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता।
लेकिन लगभग इतने ही प्रतिशत का उत्तर इसके ठीक उलट रहा है। पोल में आने वाले 49.50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कश्मीर में शांति का हल बातचीत से नहीं निकलेगा। यानी संकेत साफ है कि ये लोग सेना के जरिए ही कश्मीर में शांति का विकल्प देखते हैं।
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इस पोल में ऐसों लोगों की संख्या ना के बराबर रही है जो इस मसले पर कोई विचार ही ना रखते हों। सिर्फ 0.5 प्रतिशत लोगों ने इस विषय पर कह नहीं सकते का विकल्प चुना है।
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पोल का सवाल था कि "क्या युवाओं से बातचीत ही कश्मीर में शांति कायम करने का एकमात्र रास्ता है?" इस प्रश्न का उत्तर देने वाले पूरी तरह से बंटे हुए हैं। पोल में उत्तर देने वाले लोगों में से 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कश्मीर में शांति तभी आ सकती है जब युवाओं से बात की जाए। बिना उनसे शांतिपूर्वक बात किए हुए किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता।
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लेकिन लगभग इतने ही प्रतिशत का उत्तर इसके ठीक उलट रहा है। पोल में आने वाले 49.50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कश्मीर में शांति का हल बातचीत से नहीं निकलेगा। यानी संकेत साफ है कि ये लोग सेना के जरिए ही कश्मीर में शांति का विकल्प देखते हैं।
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इस पोल में ऐसों लोगों की संख्या ना के बराबर रही है जो इस मसले पर कोई विचार ही ना रखते हों। सिर्फ 0.5 प्रतिशत लोगों ने इस विषय पर कह नहीं सकते का विकल्प चुना है।