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'मैं ट्रैवल एजेंट हूं क्या?': राहुल की विदेश यात्रा पर बोले शशि थरूर, एसआईआर पर केंद्र से पूछा- क्या फायदा हुआ
Wed, 21 Oct 2026 05:11 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Wed, 21 Oct 2026 05:11 PM IST
सार
राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर पूछे गए एक सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर झल्ला गए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं और इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं, इसलिए उनसे यह पूछना ठीक नहीं है कि राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं। दरअसल, इन दिनों दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। इसी बीच राहुल गांधी के विदेश जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
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केरल में पत्रकारों ने थरूर से पूछा सवाल
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर केरल की राजधानी में थे। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि जब दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं, तो राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं? इस पर थरूर ने कहा कि उनसे यह सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं। मुझसे यह सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। मैं दिल्ली छोड़कर यहां क्यों आया? हर इंसान की अपनी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। इसलिए, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।
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एसआईआर को लेकर भाजपा को घेरा
इस दौरान थरूर ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर लोगों के वोट देने का अधिकार छीना गया है। थरूर ने कहा कि किसी को भी किसी व्यक्ति से उसका मतदान का अधिकार छीनने का हक नहीं है। थरूर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए। इनमें से केवल करीब 82 हजार लोगों की अपीलों पर सुनवाई हुई। इन अपीलों में 91 प्रतिशत मामले ऐसे लोगों के थे, जिनके नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए थे। थरूर ने सवाल उठाया कि अगर इतनी बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए गए, तो फिर एसआईआर कराने का क्या फायदा हुआ?
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फॉर्म-6 और फॉर्म-7 को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि फॉर्म-6 को क्यों हटाया गया और फॉर्म-7 इतनी बड़ी संख्या में क्यों भरवाए गए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाने का फैसला किस वजह से लिया गया। थरूर ने कहा कि देश में दशकों से चुनाव होते आ रहे हैं, लेकिन पहले इस तरह की समस्याएं देखने को नहीं मिलीं। उन्होंने इन परेशानियों के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
थरूर ने कहा कि कांग्रेस इसी वजह से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। उनके मुताबिक, SIR की प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस चाहती है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों से सवाल पूछे जाएं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जाए।
1 नवंबर को दिल्ली में होगी कांग्रेस की रैली
थरूर ने बताया कि इस मुद्दे पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि रैली के लिए पुलिस से अनुमति मिल गई है। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और SIR की प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
निष्पक्ष चुनाव पर दिया जोर
कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी मांग किसी खास पार्टी को जिताने या हराने की नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को भी किसी व्यक्ति या पार्टी के पक्ष में वोट देने के लिए मजबूर नहीं किया है। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि हर व्यक्ति को अपनी मर्जी से वोट देने का अधिकार मिले। थरूर के मुताबिक, जब चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होंगे, तो जनता खुद तय कर लेगी कि सत्ता किसे मिलनी चाहिए।
खेड़ा ने पीएम मोदी को दिया इंडिया गठबंधन में शामिल होने का न्यौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दशहरा समारोह के दौरान दिए गए भाषण पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने यह सलाह देने में देर कर दी है, क्योंकि इंडिया गठबंधन पहले ही इसी उद्देश्य के लिए एकजुट हो चुका है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री चाहें तो वे भी गठबंधन में शामिल हो सकते हैं, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पर आम सहमति बनाने संबंधी पीएम मोदी के बयान पर पवन खेड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि अहंकार के घोड़े पर सवार होकर आम सहमति कैसे बनाई जा सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद में विपक्ष से दूरी बनाए रखते हैं और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ते हैं, जबकि दूसरी ओर आम सहमति बनाने की बात करते हैं। पवन खेड़ा ने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री ने अब तक कितनी सर्वदलीय बैठकें बुलाई हैं।
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'आरएसएस अगला प्रमुख किसी महिला को बनाए'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरएसएस पर किए गए ट्वीट के संदर्भ में पवन खेड़ा ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की महिलाओं को लेकर कथित टिप्पणियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बच्चे पैदा करने और घर पर रहने की सलाह देना पुरुषप्रधान मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें घर के बाहर की दुनिया को पुरुषों का क्षेत्र माना जाता है और महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रखने की सोच दिखाई देती है। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि संघ की विचारधारा में महिलाओं की भूमिका को केवल संतान पैदा करने तक सीमित करके देखा जाता है। उन्होंने आरएसएस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि संगठन वास्तव में महिला-विरोधी नहीं है, तो उसे अगला आरएसएस प्रमुख किसी महिला को बनाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एक दलित महिला को RSS का प्रमुख नियुक्त करने की चुनौती देते हुए कहा कि ऐसा करके संगठन को महिलाओं के प्रति अपनी सोच साबित करनी चाहिए।