भारतीय मुसलमानों को अलकायदा बता रहा, 'ऐसे करो आतंकी हमला'
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अलकायदा की इस मांग को खुफिया एजेंसी ने ट्रैक किया जिसमें कहा गया कि भारतीयों मुसलमानों को अकेले ही (lone wolf) आतंकी हमलों को अंजाम देना चाहिए।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अलकायदा के भारतीय विंग एआईक्यूएस के प्रमुख असीम उमर ने भड़काऊ बयान देते हुए भारतीय मुसलमानों से आतंकी हमले करने की मांग की।
अलकायदा बीते कई साल से भारतीय इलाकों में अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश में लगा है, लेकिन हर बार भारतीय एजेंसियां आतंकियों के प्लान पर पानी फेर देती हैं।
अलकायदा के खौफनाक इरादों की हालिया वजह?
अमेरिका की एक खुफिया टीम ने उमर के बयान का ट्रैक किया है।
अलकायदा ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा और खूंखार घोषित हो चुका आतंकी संगठन आईएसआईएस भी लगातार भारत में हमले की फिराक में है।
आईएसआईएस भी यूरोप की तर्ज भारत और आस-पास के इलाकों में अकेले शख्स के जरिए हमलों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा है।
अलकायदा की भारतीय विंग के मुखिया का भारत से क्या है कनेक्शन?
खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक आतंकी संगठनों को लगता है कि अगर अकेला शख्स आतंकी हमले की योजना बनाता है तो उसके पकड़े जाने की गुंजाइश न के बराबर होती है। हाल ही में ऑरलैंडो के क्लब में हुआ आतंकी हमला इसका ताजा उदाहरण है। अमेरिकी प्रशासन हमले को अंजाम देने वाले उमर मतीन के प्लान से अंजान बना रहा।
भारत की सुरक्षा एजेंसिया लगातार आतंकियों की कोशिशों को नाकाम कर रही हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और तमाम राज्यों की पुलिस अब तक पचास से ज्यादा आईएसआईएस के संदिग्धों को धर चुकी हैं। इसके अलावा अलकायदा की भारतीय विंग को भी ट्रैक करने में सफलताएं हाथ लगी हैं। पिछले साल अलकायदा माड्यूल के दो आतंकियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
अलकायदा की भारतीय विंग चलाने वाला असीम उमर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल जिले का रहने वाला बताया जाता है। उसका असली नाम सनाउल हक है। 90 के दशक में वह पाकिस्तान जाकर आतंकी बन बैठा। 2014 में अलकायदा के प्रमुख अल जवाहरी ने उसे भारतीय विंग का मुखिया घोषित किया था।
आतंकी संगठनों में वर्चस्व की जंग
बताया जा रहा है मौजूदा वक्त में तमाम आतंकी संगठनों में वर्चस्व की जंग छिड़ी है। खास कर आईएसआईएस भारतीय उपमहाद्वीप पर हर हाल में अपनी पकड़ बनाने के लिए पूरी ताकत से लगा है। लेकिन अलकायदा पहले से इस इलाके में सक्रिय है।
उधर हिजबुल मुजाहिदीन और अलकायदा पूर्व आतंकियों के हाथों में फिर से हथियार थमाने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं।
आतंकी संगठनों में छिड़ी वर्चस्व की जंग भारतीय एजेंसियों और सुरक्षाबलों के लिए लगातार बड़ी चुनौतियां बनी हुई है। इसी वर्चस्व की जंग के चलते ये आतंकी संगठन लोन वोल्फ यानी अकेले ही आतंकी हमले को अंजाम देने के फॉमूले पर गौर कर रहे हैं।