राजनीतिक असमंजस ने छोटे चौधरी के सामने खड़ी की परेशानी
- सोनिया के दरबार से राज्यसभा सीट देने के लिए नहीं मिला ठोस भरोसा
- एकमात्र सीट पर रालोद चाहता था अपने मुखिया का नाम
- कांग्रेस मुस्लिमों को साधने के लिए इमरान मसूद को थमा सकती है टिकट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह की जेडीयू और भाजपा के बाद अब कांग्रेस से दरबार में भी बात नहीं बनी है। राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस की तरफ से नामित कराने की रालोद की कोशिश अधूरी रह गई। रालोद फिलहाल खामोशी ओढ़े हैं।
राजनीतिक दोस्ती के लिए लगातार प्रयासरत चौधरी अजित सिंह जेडीयू और भाजपा से बात नहीं बनने पर अब कांग्रेस से राज्यसभा भेजने की आस लगाए थे। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने जेडीयू और भाजपा में गठबंधन की बात करते समय खुद के लिए राज्यसभा की सीट देने के लिए प्रस्ताव रखा था। कोशिश के बाद भी उनको इसमें कामयाबी नहीं मिली थी।
अब एक उम्मीद कांग्रेस से राज्यसभा जाने की दिख रही थी। हाल ही में रालोद मुखिया ने इसके लिए कांग्रेस में संपर्क साधा था और राज्यसभा भेजने का आग्रह किया था। सूत्र यहां तक बताते हैं कि छोटे चौधरी ने कांग्रेस मुखिया से मुलाकात भी की, लेकिन दोनों दलों की तरफ से अधिकृत तौर पर कोई कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। माना जा रहा है कि कांग्रेस अजित सिंह पर भरोसा करने को तैयार नहीं है।
सड़क पर उतरना शुरू कर दिया
कांग्रेस का तर्क है कि रालोद से उनकी दोस्ती पुरानी रही है, उनसे अलग हुए बिना अजित सिंह दूसरे दलों से दोस्ती की पीग बढ़ाने लगे, ऐसे में कितना भरोसा रालोद पर किया जा सकता है। बताते है कि कांग्रेस फिलहाल अपने दल के लिए समर्पित वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और सहारनपुर के इमरान मसूद में से किसी एक को राज्यझ्सभा के लिए भेजने पर विचार कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि चुनाव के करीब ही अन्य दल से दोस्ती की जाए। पहले अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए जनता से बीच पैठ बनाए, इसके लिए पार्टी के रणनीतिकार पीके (प्रशांत किशोर)फार्मूले को अपनाए। इस बीच अब रालोद ने जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरना शुरू कर दिया। गुरुवार को रालोद नेता जयंत चौधरी की अगुवाई में यूपी के शामली में कार्यकर्ताओं ने बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर शुगर मिल घेरी, आगे भी रालोद इसी तरह जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय दिखेगा।