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Maharashtra: चार साल पहले भी महाराष्ट्र में हुआ था ऐसा ही खेल, अजित पवार ने रातोंरात दिया था एनसीपी को झटका
Sun, 02 Jul 2023 02:37 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 02 Jul 2023 02:37 PM IST
सार
यह पहली बार नहीं है जब अजित पवार ने एनसीपी प्रमुख को झटका दिया है। चार साल पहले भी महाराष्ट्र में ऐसा ही खेल हुआ था जब अजित पवार ने रातोंरात भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली थी।
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अजित पवार ने 2019 में भी दिया था एनसीपी को झटका।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनजर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच रविवार को पार्टी नेता अजित पवार ने अपने आवास पर एनसीपी नेताओं की बैठक बुलाई। बैठक में एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं, जबकि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष जयंत पाटिल शामिल नहीं हुए। वहीं, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार पुणे में थे। उन्होंने कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं है।
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इस मीटिंग के बाद अजित पवार सीधे राजभवन पहुंच गए। बताया जा रहा है कि अजित एनडीए में शामिल होने वाले हैं और इसके लिए एनसीपी के अपने समर्थन वाले विधायकों का पत्र लेकर राज्यपाल के पास पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अजित को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अजित पवार ने एनसीपी प्रमुख को झटका दिया है। चार साल पहले भी महाराष्ट्र में ऐसा ही खेल हुआ था जब अजित पवार ने रातोंरात भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली थी।
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चुनाव में भाजपा को नहीं मिला था बहुमत
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके नतीजे 24 अक्टूबर, 2019 को घोषित हुए थे। भाजपा के साथ गठबंधन में रही शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की थी।एक साथ सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें होने के बावजूद, दोनों सहयोगियों ने सत्ता-बंटवारे पर विवाद किया। मुख्यमंत्री का पद किसे मिलेगा विवाद का मुख्य विषय था, जिसके फलस्वरूप शिवसेना ने भाजपा के बजाय वैचारिक रूप से अलग कांग्रेस और एनसीपी के साथ बातचीत शुरू कर दी।
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23 नवंबर को अजित पवार ने ली थी शपथ
जब कोई नतीजा नहीं निकला तो केंद्र सरकार ने 12 नवंबर को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया। शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने गठबंधन बनाने के लिए बातचीत जारी रखी और बाद में शरद पवार ने घोषणा की कि उद्धव ठाकरे को सर्वसम्मति से नई सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है। इस बीच, महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार के साथ रातोंरात सरकार बनाने के लिए देवेंद्र फडणवीस को समर्थन दे दिया। 23 नवंबर को सुबह-सुबह फडणवीस और अजित पवार का शपथ ग्रहण समारोह एक आश्चर्य के रूप में सामने आया।
महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़े आश्चर्य में से एक तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और अजित पवार को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिला दी। ये सरकार महज तीन दिन तक चली, जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को मिलाकर बनी महाविकास आघाड़ी गठबंधन के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।