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NSA: 'कुछ चीजों पर आलोचक भी नहीं उठा सकते सवाल', भारत के प्राचीन इतिहास पर बोले एनएसए अजीत डोभाल
Tue, 09 Apr 2024 06:52 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 09 Apr 2024 06:52 PM IST
सार
अजीत डोभाल ने कहा कि भारतीय इतिहास के बारे में कुछ ऐसे सवाल थे जिन पर हमारे आलोचकों समेत किसी ने भी सवाल नहीं उठाया।
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजीत डोभाल
- फोटो : ANI
विस्तार
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सभ्यता सबसे पुरानी और निरंतर सभ्यताओं में से एक है और इसका विशाल विस्तार भी है। एनएसए डोभाल नई दिल्ली में विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ) द्वारा 'प्राचीन भारत का इतिहास, खंड 11 श्रृंखला' के विमोचन पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय इतिहास के बारे में कुछ ऐसे सवाल थे जिन पर हमारे आलोचकों समेत किसी ने भी सवाल नहीं उठाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एक तो इसकी प्राचीनता है, कि यह सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है और शायद मानव जीवन विकसित हो चुका था और समाज ने खुद को बहुत उच्च तक परिपूर्ण कर लिया था। अब, यह किसने किया? क्या वे मूल लोग थे या वे बाहर से आए थे, हो सकता है कि वे इस बारे में पक्षपाती हों, लेकिन वे सभी मानते हैं कि यह प्राचीन सभ्यता है।
भारतीय सभ्यता की दूसरी विशेषता का उल्लेख करते हुए उन्होंने निरंतरता पर बल दिया। अजीत डोभाल ने कहा कि दूसरी बात यह है कि यह निरंतरता है। यानी, अगर यह 4000 या 5000 साल पहले शुरू हुआ, तो यह आज तक बनी हुई है। इसमें कोई व्यवधान नहीं है। इसलिए यह एक निरंतरता थी। उन्होंने तीसरी विशेषता इसके विशाल विस्तार पर चर्चा की। तीसरी विशेषता इसका विशाल विस्तार था। यह कोई छोटा-सा गांव नहीं था जो आपको किसी विकसित द्वीप या उस जैसी किसी जगह पर मिलता है। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अलेक्जेंडर की भारत यात्रा भारतीय इतिहास में एक घटना नहीं थी, बल्कि पश्चिमी इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय इतिहास के बारे में कुछ ऐसे सवाल थे जिन पर हमारे आलोचकों समेत किसी ने भी सवाल नहीं उठाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एक तो इसकी प्राचीनता है, कि यह सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है और शायद मानव जीवन विकसित हो चुका था और समाज ने खुद को बहुत उच्च तक परिपूर्ण कर लिया था। अब, यह किसने किया? क्या वे मूल लोग थे या वे बाहर से आए थे, हो सकता है कि वे इस बारे में पक्षपाती हों, लेकिन वे सभी मानते हैं कि यह प्राचीन सभ्यता है।
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#WATCH | Delhi: National Security Advisor Ajit Doval says "There are a few questions about Indian history that nobody questions, even our detectives. One is its antiquity, that it is one of the oldest civilizations. The second is continuity, that is if it started 4000-5000 years… pic.twitter.com/a5uwaXS8L8
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 9, 2024
भारतीय सभ्यता की दूसरी विशेषता का उल्लेख करते हुए उन्होंने निरंतरता पर बल दिया। अजीत डोभाल ने कहा कि दूसरी बात यह है कि यह निरंतरता है। यानी, अगर यह 4000 या 5000 साल पहले शुरू हुआ, तो यह आज तक बनी हुई है। इसमें कोई व्यवधान नहीं है। इसलिए यह एक निरंतरता थी। उन्होंने तीसरी विशेषता इसके विशाल विस्तार पर चर्चा की। तीसरी विशेषता इसका विशाल विस्तार था। यह कोई छोटा-सा गांव नहीं था जो आपको किसी विकसित द्वीप या उस जैसी किसी जगह पर मिलता है। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अलेक्जेंडर की भारत यात्रा भारतीय इतिहास में एक घटना नहीं थी, बल्कि पश्चिमी इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी।
#WATCH | Delhi: National Security Advisor Ajit Doval says "...When you think of this expanse of 6000-8000 years, of the continuous history in such a vast area, the narrative that has been brought is that probably the first chapter about Indian history starts with Alexander, that… pic.twitter.com/HC0fkYKb1c
— ANI (@ANI) April 9, 2024