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260 डिग्री के 'आकाशीय नेत्र' से लैस होगी भारतीय वायुसेना, बच न सकेंगे ड्रोन-मिसाइल

Sun, 12 Feb 2017 03:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Sun, 12 Feb 2017 03:41 PM IST
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airborne early warning and control system to join IAF fleet at aero show
फाइल फोटो - फोटो : Social Media
भारतीय वायुसेना का निगरानी तंत्र जल्द ही चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम (अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) वाले एयरक्राफ्ट से लैस होगा। इस सिस्टम के जरिए 
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वायुसेना पाकिस्तान और चीन की सीमा पर क्रूज मिसाइल, फाइटर जेट और ड्रोन पर आसमान से निगाह रख सकेगी। यह सिस्टम सभी वातावरण और मौसम में काम करने की क्षमता से लैस है। 
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डीआरडीओ के चेयरमैन एस. क्रिस्टोफर ने शनिवार को कहा कि एयरो इंडिया 2017 के दौरान बेंगुलरु में एईडब्ल्यू एंड सी सिस्टम से लैस एयरक्राफ्ट वायुसेना में शामिल होगा। 
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24 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट का पहला एयरक्राफ्ट 14 फरवरी को वायुसेना को मिलेगा। इसके कुछ ही महीनों बाद वायुसेना को दूसरा एयरक्राफ्ट मिल जाएगा। रक्षा विशेषज्ञ इस बात को पूरे जोर से उठाते रहे हैं कि चीन और पाकिस्तान के मुकाबले भारत रक्षा क्षेत्र की तैयारियों में पिछड़ रहा है। भारत के पास अवॉक्स (AWACS) प्रणाली से लैस सिर्फ तीन विमान हैं। 

बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम ने ब्राजील निर्मित एंब्रेयर-145 एयरक्राफ्ट पर इसे विकसित किया है। एईडब्ल्यू एंड सी सिस्टम से वायुसेना की क्षमता गुणात्मक वृद्धि होगी। 

यह सिस्टम 240 डिग्री वाले रडार सिस्टम से लैस है, जबकि अवॉक्स तकनीक वाले फॉल्कन विमान 400 किमी रेंज में 360 डिग्री कवरेज देते हैं। यह सर्विलांस क्षेत्र में खतरे की पहचान के साथ एयर डिफेंस ऑपरेशन्स के लिए कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में काम करेगा। हालांकि इन एयरक्राफ्ट के वायुसेना में शामिल होने की बावजूद भारत, चीन और पाकिस्तान की बराबरी नहीं कर पाएगा।  

एईडब्ल्यू एंड सी की क्या है खूबी?

airborne early warning and control system to join IAF fleet at aero show
फाइल फोटो - फोटो : Social Media
दूसरी ओर चीन के पास केजे-500 के साथ 20 अवॉक्स तकनीक वाले एयरक्राफ्ट हैं, जो 470 किमी के दायरे में 60 विमानों को साथ ट्रैक कर सकते हैं। पाकिस्तान के पास स्वीडन निर्मित साब-2000 प्रणाली वाले चार एईडब्ल्यूसी एयरक्राफ्ट हैं। इनके अलावा पाकिस्तान के पास चीन के जेडडीके-03 (केजे-200) अवॉक्स प्रणाली वाले एयरक्राफ्ट हैं।

एईडब्ल्यू एंड सी की क्या है खूबी?
- एयरस्पेस मैनेजमेंट 
- एयरक्राफ्ट से जुड़े खतरों की खोज करना, पहचान करना, खतरे का पता लगाना 
- सभी मौसम और रात-दिन में काम करने की क्षमता से लैस
- विमानस्थ और धरातलीय खतरे की पहचान करना 
- इलेक्ट्रॉनिक और कम्युनिकेशन इंटेलिजेंस जुटाना 
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