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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने नए वायुसेना प्रमुख: संभाली कमान, अमर प्रीत सिंह हुए सेवानिवृत्त
Sat, 31 Oct 2026 03:17 PM IST
देवेश त्रिपाठी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sat, 31 Oct 2026 03:17 PM IST
सार
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्तूबर को भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख का पद संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह ली, जो 25 महीने के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। दीक्षित को स्वदेशी लड़ाकू विमानों और तेजस जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए जाना जाता है।
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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने नए वायुसेना प्रमुख
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने आज (31 अक्तूबर) भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख का पदभार संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह ली। अमर प्रीत सिंह 25 महीने के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हुए।
पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को अब तक तीन आधिकारिक विदाई दी गई हैं। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से आयोजित कार्यक्रम भी शामिल है। पद पर उन्हें आखिरी दिन शनिवार को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।
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स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका
एयर मार्शल दीक्षित को भारतीय वायुसेना में स्वदेशी विमानों और रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस सहित वायुसेना की अन्य स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उनसे रक्षा क्षेत्र में सरकार की आत्मनिर्भरता पहल को और मजबूत करने की उम्मीद है।
एयर मार्शल दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
वायुसेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। कमांडिंग ऑफिसर के रूप में उन्होंने नंबर 9 स्क्वाड्रन को मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से लैस किया। इसके बाद उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में एक अग्रिम लड़ाकू एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली।
उन्होंने दक्षिणी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर के रूप में भी काम किया। इसके अलावा वायु मुख्यालय (वायु भवन) में सहायक वायुसेना प्रमुख (परियोजना) और सहायक वायुसेना प्रमुख (योजना) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। देश के प्रति विशिष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल दीक्षित को कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। इनमें 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं।
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पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को अब तक तीन आधिकारिक विदाई दी गई हैं। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से आयोजित कार्यक्रम भी शामिल है। पद पर उन्हें आखिरी दिन शनिवार को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।
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Ace fighter pilot Air Chief Marshal Ashutosh Dixit today took over as the new Chief of the Air Staff from outgoing chief Air Chief Marshal AP Singh. (Source: Indian Air Force) https://t.co/YuBZAv7L5z
— ANI (@ANI) October 31, 2026
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स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका
एयर मार्शल दीक्षित को भारतीय वायुसेना में स्वदेशी विमानों और रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस सहित वायुसेना की अन्य स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उनसे रक्षा क्षेत्र में सरकार की आत्मनिर्भरता पहल को और मजबूत करने की उम्मीद है।
एयर मार्शल दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
वायुसेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। कमांडिंग ऑफिसर के रूप में उन्होंने नंबर 9 स्क्वाड्रन को मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से लैस किया। इसके बाद उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में एक अग्रिम लड़ाकू एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली।
उन्होंने दक्षिणी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर के रूप में भी काम किया। इसके अलावा वायु मुख्यालय (वायु भवन) में सहायक वायुसेना प्रमुख (परियोजना) और सहायक वायुसेना प्रमुख (योजना) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। देश के प्रति विशिष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल दीक्षित को कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। इनमें 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं।