Air India Tragedy: अहमदाबाद हादसे की हर एंगल से जांच; मंत्री मुरलीधर मोहोल बोले- ब्लैक बॉक्स विदेश नहीं जाएगा
Air India Tragedy: अहमदाबाद विमान हादसे की हर एंगल से जांच की जा रही है, जिसमें गड़बड़ी की आशंका भी शामिल है। ब्लैक बॉक्स की जांच भारत में ही होगी और रिपोर्ट तीन महीने में आने की उम्मीद है। विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि दोनों इंजन एक साथ फेल होना दुर्लभ है। जांच के बाद ही असली कारण सामने आएंगे।
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अहमदाबाद विमान हादसे पर नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि इस दुर्घटना की हर एंगल से जांच चल रही है। इसमें गड़बड़ी की आशंका भी शामिल है। साथ ही केंद्रीय मंत्री मुरलीधर ने कहा कि घटना की जांच रिपोर्ट करीब तीन महीने में आ सकती है। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) एअर इंडिया विमान हादसे की गहराई से जांच कर रहा है। वे हर संभावित कारण पर ध्यान दे रहे हैं, जिसमें गड़बड़ी की आशंका भी शामिल है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है और कई एजेंसियां जांच में शामिल हैं।
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घटना को दुर्लभ बताते हुए उन्होंने कहा, ऐसा कहा जा रहा है कि विमान के दोनों इंजन एक साथ फेल हो गए थे। ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों इंजन एक साथ बंद हो गए हों। ब्लैक बॉक्स के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (एफडीआर) से महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि यह इंजन की समस्या थी, ईंधन की आपूर्ति में दिक्कत थी या कुछ और। कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन सब कुछ सामने आ जाएगा। जांच रिपोर्ट तीन महीने में आने की उम्मीद है।
विदेश नहीं जाएगा ब्लैक बॉक्स
केंद्रीय मंत्री ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि ब्लैक बॉक्स को जांच के लिए विदेश भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्लैक बॉक्स एएआईबी के पास ही रहेगा। यह कहीं नहीं जाएगा। हम पूरी जांच यहीं करेंगे।
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एयर इंडिया विमान हादसा
12 जून को एयर इंडिया की उड़ान एआई171 लंदन के लिए रवाना हो रही थी, तभी टेक-ऑफ के कुछ समय बाद वह अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में स्थित एक छात्रावास पर टकराया। इस दर्दनाक हादसे में उड़ान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोग भी इसकी चपेट में आ गए। हालांकि, एक शख्स चमत्कारिक रूप से इस हादसे में बच गया था। इस भीषण हादसे में 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक, विश्वास कुमार रमेश, अकेले जीवित बच पाए।
260 मृतकों में कौन-कौन शामिल थे?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मृतकों में 200 भारतीय (181 यात्री और 19 जमीन पर मौजूद लोग), 52 ब्रिटिश नागरिक, सात पुर्तगाली नागरिक, एक कनाडाई नागरिक शामिल हैं।
डीएनए जांच ने निभाई अहम भूमिका
इस हादसे में बहुत से शव पूरी तरह से जल चुके थे, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो गई थी। ऐसे में परिजनों के डीएनए से मिलान करके शवों की पहचान की गई। आमतौर पर इसमें महीनों लग जाते हैं, लेकिन इस हादसे में सभी शवों की पहचान करीब दो हफ्ते में कर ली गई।
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