{"_id":"5b497fe64f1c1b58488b4693","slug":"air-india-sacked-employee-with-immediate-effect-while-he-was-in-rome-as-part-of-cabin-crew","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्लाइट से रोम गए कर्मचारी को एयर इंडिया ने नौकरी से निकाला, सफाई में कहा- ज्यादा दिन पड़ा बीमार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
फ्लाइट से रोम गए कर्मचारी को एयर इंडिया ने नौकरी से निकाला, सफाई में कहा- ज्यादा दिन पड़ा बीमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एयर इंडिया ने अपने एक संविदा कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से उस समय निकाल दिया जब वह रोम में था। शख्स केबिन क्रू में शामिल था तभी उसे अपनी सेवा एयरलाइन को देने से मना कर दिया गया। तीन दिन बाद उसे फ्लाइट के जरिए दिल्ली लाया गया। कर्मचारी को नौकरी से निकाले जाने की सूचना 2 जुलाई को मिली। जब उसने पूछा कि वह वापस कैसे आएगा क्योंकि अब वह एयरलाइन का कर्मचारी नहीं है तब जाकर एयरलाइन को अपनी गलती का अहसास हुआ।
विज्ञापन
इसके बाद कर्मचारी को 5 जुलाई की फ्लाइट में सेवा देते हुए वापस भारत लौटने की इजाजत दी गई। भारत पहुंचने के बाद एक बार फिर उसे निकाल दिया गया। कर्मचारी ने एयरलाइन अधिकारियों के क्रू मैनेजमेंट के इस कदम को सुरक्षा के साथ समझौता करार दिया है क्योंकि क्रू सदस्य तनाव में काम नहीं कर सकते हैं। क्रू मेंबर को नौकरी से इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि लगातार बीमार रहने की वजह से उसने नियत सीमा से ज्यादा दिन की छुट्टी ली थी। इससे पहले उसे साल 2016 में नौकरी से निकाला गया था लेकिन जल्द ही वापस रख लिया था।
विज्ञापन
पीड़ित पूर्व कर्मचारी ने कहा, '1 जुलाई को मैं दिल्ली से रोम जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-123 में था और 2 जुलाई को मुझे सूचित किया गया कि मुझे तुरंत प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है। मैंने अपने (इन-फ्लाइट सर्विस) आईएफएस विभाग से कहा कि मैं रोम में हूं और स्टाफ के तौर पर वापस नहीं आ सकता क्योंकि मुझे नौकरी से निकाल दिया गया है और यात्री बनकर भी नहीं आ सकता क्योंकि मेरे पास टिकट और वीजा नहीं है।' जिसके बाद एयर इंडिया ने उससे कहा कि आप अपनी निर्दिष्ट उड़ान को पूरा करें। वापस आकर इस मामले को आईएफएस के पास लेकर जाएं।
विज्ञापन
कर्मचारी ने कहा कि मुझे तनाव में काम करने को मजबूर होना पड़ा क्योंकि मुझे नौकरी से निकाल दिया गया था। कर्मचारी का कहना है कि उसने सभी छुट्टियां स्वास्थ्य आधार पर असली कारणों की वजह से ली थीं। जिसकी मंजूरी मेडिकल बोर्ड से ली गई थी। इस मामले पर एयर इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि कर्मचारी लगातार बीमार रहने और दूसरे कारणों की वजह से काम से 84 दिनों तक जून 2017 से दिसबंर 2017 के बीच गायब रहा था जिसकी वजह से उसे बाहर निकाला गया है। इसके अलावा वह जनवरी 2018 से मई 2018 के बीच 48 दिनों की छुट्टी ले चुका था। नौकरी से बाहर निकालने से पहले उसे कई बार चेतावनी दी गई थी।