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कानोदेखी : कांग्रेस में भीतर ही भीतर पक रही है गठबंधन की खिचड़ी

शशिधर पाठक Updated Sat, 14 Jul 2018 12:54 PM IST
Ahead of Union Election congress planning for alliance with various parties
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कांग्रेस पार्टी के चार नेता कड़ी मेहनत कर रहे हैं। गुलाम नबी आजाद, कमलनाथ, अहमद पटेल और अशोक गहलोत। सहयोगी दलों के पास उनसे मिलकर गठबंधन की खिचड़ी पका रहे हैं। सारा काम यूपीए चेयर पर्सन सोनिया गांधी की देख रेख में हो रहा है। बताते हैं इसमें अच्छी सफलता मिल रही है। मायावती की तरफ से उत्साहजनक नतीजे आने के संकेत हैं। लालू और दोनों शरद तैयार बैठे हैं।
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बस गड़बड़ तीन राज्यों में हो रही है। पहला राज्य दिल्ली है। आम आदमी पार्टी गठबंधन चाह रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी का ऊंट ठीक करवट नहीं बैठ पा रहा है। पश्चिम बंगाल में ममता मान गई हैं, लेकिन वाम दल को छोड़ें या ममता को पकड़ें? आंध्र में जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस से दूरी बनाकर चल रही है, टीडीपी साथ आना चाहती है और कांग्रेस को वहां सही साथी की तलाश है।

वहीं डीएमके पत्ते नहीं खोल रही है, लेकिन साथ है। कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी का मन तेजी से बदलने लगा है। शरद पवार पहले से ही मानकर चल रहे हैं कि यह 1977 का चुनाव है। कोई मोरारजी देसाई देश का पीएम बन सकता है। शरद यादव पहले से ही कहते आ रहे हैं कि मोदी-शाह की टीम क्षेत्रीय दलों को खत्म करने पर तुली हुई है। कांग्रेस पार्टी के नेता भी इस लाइन पर राहत की सांस ले रहे हैं। एक बड़े नेता के बोल तो सुनने लायक हैं। जनाब का कहना है कि यह न किया होता तो काहे ऊंट पहाड़ के नीचे आता और काहे उस पर सवारी करने का मौका मिलता?
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अध्यक्ष जी ने कह दिया है

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