2030 तक जीरो हंगर श्रेणी प्राप्त करना सरकार का लक्ष्य : केंद्रीय कृषि मंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व खाद्य दिवस के मौके पर केंद्र सरकार ने कहा कि देश जीरो हंगर की तरफ बढ़ रहा है। 2030 तक देश जीरो हंगर श्रेणी में आ जाएगा, तब देश में एक भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। सरकार इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है।
केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और किसान भाइयों का बड़ा योगदान है। 2017-18 में चौथे अग्रिम आकलन के अनुसार खाद्यान्न उत्पादन 2013-14 के मुकाबले लगभग 20 मिलियन टन ज्यादा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से आर्या परियोजना और फार्मर फर्स्ट कार्यक्रम अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने एग्री स्टार्ट अप और उद्यमिता कांक्लेव का उद्घाटन किया।
पिछले साल 284.83 मिलियन टन था खाद्यान उत्पादन
कृषि मंत्री ने कहा कि इस साल विश्व खाद्य दिवस मनाने का उद्देश्य 2030 तक जीरो हंगर के लक्ष्य को प्राप्त करना है। साथ ही कहा कि 2017-18 में चौथे अग्रिम आकलन के अनुसार, खाद्यान्न उत्पादन 284.83 मिलियन टन है, जो कि 2013-14 में हासिल उत्पादन 265.04 मिलियन टन के मुकाबले 20 मिलियन टन ज्यादा है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, बागवानी उत्पादन के मामले में भारत विश्व में पहले स्थान पर है।
कृषि उत्पादन बढ़ाने में उन्नत बीजों का अहम योगदान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन को बढ़ाने में उन्नत किस्मों की बीजों और आधुनिक तकनीकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। 2010-2014 की अवधि में जहां उन्नत बीजों की 448 किस्में खेती के लिए जारी की गई थी, वहीं 2014-2018 में 795 किस्में जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि कुपोषण का निवारण करने के लिए पिछले साढ़े चार सालों में आईसीएआर ने फसलों की ऐसी 20 किस्मों का विकास किया है। इनमें पोषक तत्वों की मात्रा सामान्य से काफी अधिक है।