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क्या कृषि कानून को मिलेगा नया रूप?: कृषि मंत्री बोले- एक ही कदम तो पीछे खींचा है, हम फिर आगे बढ़ेंगे
Sat, 25 Dec 2021 02:03 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 25 Dec 2021 02:03 PM IST
सार
19 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानून वापस लेने जा रही है। पीएम ने किसानों से आंदोलन खत्म करने और अपने-अपने घर लौट जाने की अपील की थी।
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कृषि मंत्री तोमर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के नागपुर के एक कार्यक्रम में चौंकाने वाला बयान दिया। दरअसल, तोमर ने कहा कि देश भर में लाखों किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद पिछले महीने सरकार द्वारा वापस ले लिए गए तीन कृषि कानूनों को नया रूप दिया जा सकता है। उन्होंने इस दौरान कहा कि 'हमने तो एक ही कदम तो पीछे खींचा है, फिर आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीढ़ हैं.।'
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सरकार निराश नहीं बल्कि आगे की सोच रही
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री तोमर ने विवादास्पद कानूनों को खत्म करने के के लिए कुछ लोगों को दोषी ठहराया। कृषि मंत्री ने कहा कि हम कृषि संशोधन कानून लाए। लेकिन कुछ लोगों को ये कानून पसंद नहीं आए। ये आजादी के 70 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ा सुधार था। लेकिन सरकार बिल्कुल भी निराश नहीं है। हम एक कदम पीछे हटे हैं, हम फिर आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीढ़ हैं।
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19 नवंबर को तीनों कृषि कानून वापस लेने का एलान
पिछले महीने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी और पंजाब में चुनाव से ठीक तीन महीने पहले तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया था। हालांकि अचानक सरकार के इस एलान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। विपक्ष ने इस कदम को चुनाव में फायदा लेने के बताया।
पिछले साल नवंबर से किसान कर रहे थे प्रदर्शन
बता दें कि पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसानों ने डाल रखा था। इस दौरान कई बार सुरक्षाबलों के साथ किसानों की हिंसक झड़प भी देखने को मिली थी। वहीं केंद्र सरकार के लिए मुश्किलें तब खड़ी हो गईं जब लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कार चढ़ा दी गई और इसका आरोप केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर है।