{"_id":"5b56d4b14f1c1b1e308b69b3","slug":"again-fluttering-in-maharashtra-for-maratha-reservation","type":"story","status":"publish","title_hn":"मराठा आरक्षण की आग में फिर सुलग रहा है महाराष्ट्र, जानिए क्या चाहते हैं राज्य के 33 फीसदी मराठा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मराठा आरक्षण की आग में फिर सुलग रहा है महाराष्ट्र, जानिए क्या चाहते हैं राज्य के 33 फीसदी मराठा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 24 Jul 2018 01:26 PM IST
विज्ञापन
Maratha movement
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र एक बार फिर सुलग रहा है। राज्य में मराठा आरक्षण को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इसको लेकर एक प्रदर्शन किया गया था जिसमें एक शख्स की मौत हो गई। इसके बाद गुस्से में आए लोगों ने महाराष्ट्र बंद का एलान किया। बंद का सबसे ज्यादा असर मराठवाड़ा इलाके में दिख रहा है। जहां स्कूल और कॉलेज बंद हैं। औरंगाबाद में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गईं। कई मार्ग बंद कर दिए गए हैं।
मराठा क्रांति मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य विरोध-प्रदर्शन कर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का फडणवीस सरकार पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव में किया वादा पूरा नहीं किया है।
बता दें कि महाराष्ट्र में 33 फीसदी मराठा हैं। राज्य में सबसे ज्यादा किसान मराठा ही हैं। जो सूखे और कर्ज की मार से जूझ रहे हैं। महाराष्ट्र में किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं। युवा बेरोजगारी की समस्या का सामना कर रहे हैं। यहां प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओबीसी को बुहत कुछ मिल चुका है, दलितों को मिल चुका है इसलिए अब मराठों की बारी है।
विज्ञापन
2014 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भारी संख्या में सीट गंवाने के बाद हड़बड़ी में तत्कालीन सरकार 16 फीसदी मराठा आरक्षण का अध्यादेश लाई थी, लेकिन ये खामियों के चलते अदालत में टिक नहीं पाया।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने हाल में कहा था कि वह 72,000 सरकारी नौकरियां देने की घोषणा कर सकती है। सरकारी नौकरियों की भर्ती में मराठों के लिए 16 प्रतिशत पद आरक्षित रखने का सीएम का फैसला इस आग को ठंडा करने के बजाय और भड़का रहा है। माना जा रहा है कि इसकी के चलते मराठा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मराठा समुदाय की मांग है कि राज्य सरकार तब तक कोई भर्ती नहीं करे जब तक नौकरियों में उन्हें आरक्षण देने की उनकी मांग को पूरा न किया जाए।
मराठा समाज अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 16 प्रतिशत आरक्षण चाहते हैं। इसको लेकर पिछले साल मराठा समाज ने तकरीबन हर जिलों में मूक मोर्चा निकालकर सरकार को चेतावनी दी थी लेकिन, अब इस मांग को पूरा करने के लिए विरोध प्रदर्शन और रैलियों का सिलसिला तेज हो गया है। फिलहाल, मराठा आरक्षण का मामला बांबे हाईकोर्ट में लंबित है।
विज्ञापन
मराठा क्रांति मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य विरोध-प्रदर्शन कर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का फडणवीस सरकार पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव में किया वादा पूरा नहीं किया है।
विज्ञापन
बता दें कि महाराष्ट्र में 33 फीसदी मराठा हैं। राज्य में सबसे ज्यादा किसान मराठा ही हैं। जो सूखे और कर्ज की मार से जूझ रहे हैं। महाराष्ट्र में किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं। युवा बेरोजगारी की समस्या का सामना कर रहे हैं। यहां प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओबीसी को बुहत कुछ मिल चुका है, दलितों को मिल चुका है इसलिए अब मराठों की बारी है।
विज्ञापन
2014 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भारी संख्या में सीट गंवाने के बाद हड़बड़ी में तत्कालीन सरकार 16 फीसदी मराठा आरक्षण का अध्यादेश लाई थी, लेकिन ये खामियों के चलते अदालत में टिक नहीं पाया।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने हाल में कहा था कि वह 72,000 सरकारी नौकरियां देने की घोषणा कर सकती है। सरकारी नौकरियों की भर्ती में मराठों के लिए 16 प्रतिशत पद आरक्षित रखने का सीएम का फैसला इस आग को ठंडा करने के बजाय और भड़का रहा है। माना जा रहा है कि इसकी के चलते मराठा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मराठा समुदाय की मांग है कि राज्य सरकार तब तक कोई भर्ती नहीं करे जब तक नौकरियों में उन्हें आरक्षण देने की उनकी मांग को पूरा न किया जाए।
मराठा समाज अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 16 प्रतिशत आरक्षण चाहते हैं। इसको लेकर पिछले साल मराठा समाज ने तकरीबन हर जिलों में मूक मोर्चा निकालकर सरकार को चेतावनी दी थी लेकिन, अब इस मांग को पूरा करने के लिए विरोध प्रदर्शन और रैलियों का सिलसिला तेज हो गया है। फिलहाल, मराठा आरक्षण का मामला बांबे हाईकोर्ट में लंबित है।
#WATCH: Maratha Kranti Morcha workers set ablaze a truck in Aurangabad's Gangapur as a mark of their protest demanding reservation for Maratha community in government jobs & education. #Maharashtra pic.twitter.com/OIdBJlSLpo
— ANI (@ANI) July 24, 2018