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पहला विदेश दौरा: पद संभालने के 21 महीने बाद रूस-अमेरिका जाएंगे सीडीएस जनरल बिपिन रावत
Sun, 19 Sep 2021 06:53 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 19 Sep 2021 06:53 PM IST
सार
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा, "शंघाई सहयोग समझौते (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच सीडीएस रैंक के अफसरों की एक कॉन्फ्रेंस भी है। चीन और पाकिस्तान भी इसका हिस्सा हैं।"
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सीडीएस बिपिन रावत
- फोटो : ANI
विस्तार
बिपिन रावत सीडीएस जनरल का पदभार संभालने के करीब दो साल बाद अपने पहले विदेश दौरे पर जाएंगे। बताया गया है कि अपने पहले दौरे पर वे रूस और अमेरिका पहुंचेंगे। जनरल रावत ने 31 दिसंबर 2019 को सीडीएस पद संभाला था। इसके बाद से ही उन्हें लगातार विदेश से कार्यक्रम के न्योते मिलते रहे, लेकिन भारत में रक्षाबलों को मजबूत बनाने के कार्यभार के चलते वे लगातार इन्हें टालते रहे।
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने एक कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा, "शंघाई सहयोग समझौते (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच सीडीएस रैंक के अफसरों की एक कॉन्फ्रेंस है। चीन और पाकिस्तान भी इसका हिस्सा हैं।" बताया गया है कि सीडीएस इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों के साथ अफगानिस्तान पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे रूस में एससीओ शांति अभियानों के लिए किए जा रहे युद्धाभ्यास को भी देखेंगे। भारतीय थलसेना और वायुसेना वहां अभी अभ्यास में जुटी हैं।
अधिकारी ने बताया कि ये दौरा सीडीएस के रूस के एक दौरे से लौटने के बाद होगा। इसके बाद वे अमेरिका में अपने समकक्ष से मिलेंगे और पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के दफ्तर) में भी सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। बता दें कि रूस और अमेरिका लगातार सैन्य स्तर पर भारत के करीब आ रहे हैं और ये दोनों ही देश युद्धाभ्यासों के साथ उपकरणों में सहयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
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एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने एक कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा, "शंघाई सहयोग समझौते (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच सीडीएस रैंक के अफसरों की एक कॉन्फ्रेंस है। चीन और पाकिस्तान भी इसका हिस्सा हैं।" बताया गया है कि सीडीएस इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों के साथ अफगानिस्तान पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे रूस में एससीओ शांति अभियानों के लिए किए जा रहे युद्धाभ्यास को भी देखेंगे। भारतीय थलसेना और वायुसेना वहां अभी अभ्यास में जुटी हैं।
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अधिकारी ने बताया कि ये दौरा सीडीएस के रूस के एक दौरे से लौटने के बाद होगा। इसके बाद वे अमेरिका में अपने समकक्ष से मिलेंगे और पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के दफ्तर) में भी सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। बता दें कि रूस और अमेरिका लगातार सैन्य स्तर पर भारत के करीब आ रहे हैं और ये दोनों ही देश युद्धाभ्यासों के साथ उपकरणों में सहयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
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