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Covid-19: कर्नाटक में स्कूल-कॉलेज खुले हुए पांच दिन और संक्रमित हो गए 25 से ज्यादा शिक्षक
Thu, 07 Jan 2021 06:53 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 07 Jan 2021 06:53 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले साल मार्च से बंद चल रहे स्कूल-कॉलेजों को कुछ राज्यों ने हाल ही में खोलने का फैसला किया था। कर्नाटक भी इन राज्यों में शुमार था। हालांकि, स्कूल-कॉलेजों का खुलना शिक्षकों के लिए भारी पड़ रहा है। राज्य में शिक्षण संस्थान खुले केवल पांच दिन हुए हैं और 25 से अधिक शिक्षक कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। यहां के अकेले बेलगावी जिले में ही 18 शिक्षक कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।
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उल्लेखनीय है कि सरकार ने शिक्षण संस्थान खुलने से पहले सभी शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए कोविड-19 जांच अनिवार्य कर दिया था। जब इन जांच की रिपोर्ट आईं तो कई शिक्षक ही कोरोना की चपेट में पाए गए। बेलगावी के जिला कलेक्टर एमजी हिरेमठ ने मंगलवार को कहा था कि चिक्कोडी के चार और बेलगावी के 18 शिक्षक कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। स्कूल सील कर दिया गया है और एक सप्ताह बाद दोबारा खोला जाएगा।
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ऐसा ही कुछ कोप्पल में भी हुआ, जहां दो शिक्षक कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं और 23 छात्रों की जांच की जा रही है। शिक्षा विभाग कह रहा है कि उसके पास संक्रमित शिक्षकों व कर्मचारियों का पुख्ता आंकड़ा नहीं है। वहीं, चिकित्सा शिक्षा मंत्री डीके सुधाकर ने कहा कि अकेले 10वीं कक्षा में ही करीब 10 लाख छात्र हैं। कुछ छात्रों का संक्रमित होना सामान्य है। मैं सबसे अपील करता हूं कि डरें और घबराएं नहीं क्योंकि अब स्थिति सुधर रही है।
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अभिभावक चिंतित, कहा- थोड़ा और इंतजार क्यों नहीं?
हालांकि, कुछ अभिभावकों ने स्कूल-कॉलेजों को दोबारा खोले जाने के निर्णय को लेकर डर जताया है। एक कॉलेज छात्र के पिता ने कहा, कोई इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि शिक्षा जरूरी है लेकिन यह हमारे बच्चों की जान से ज्यादा कीमती नहीं है। मैं नहीं जानता कि सरकार को स्कूल खोलने की क्या जल्दबाजी है। वैक्सीन जब आने ही वाली है तो हम स्कूलों को खोलने के लिए कुछ सप्ताह या महीने और इंतजार क्यों नहीं कर सकते।
उधर, सुधाकर ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को वर्तमान स्थिति से घबराने की कतई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों की संख्या काफी कम है। उन्होंने कहा, मुझे इस बात का पूरा डाटा मिल रहा है कि कितने लोग वायरस से संक्रमित हुए हैं। इस बीच मैं अपील करना चाहूंगा कि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच गैरजरूरी डर की स्थिति न बनाएं और अफरातफरी का माहौल न बनने दें।