MGNREGA: 'मनरेगा का नाम बदलने पर विवाद दुर्भाग्यपूर्ण', शशि थरूर ने जानिए ऐसा क्यों कहा? केंद्र को दी नसीहत
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मनरेगा का नाम बदलने पर चल रहे विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। इसी के साथ एक दिन पहले रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की विशाल रैली में शामिल न होने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि वो विदेश में थे।
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मंच पर नही थे थरूर, क्या सब कुछ ठीक!
कांग्रेस ने एसआईआर और 'वोट चोरी' के मुद्दे के खिलाफ एकजुट होकर रैली की, जिसमें शीर्ष नेतृत्व के साथ अधिकतर नेता मंच पर एक साथ नजर आए, लेकिन शशि थरूर उस मंच से गायब थे। इसके बाद एक बार फिर राजनीतिक हलको में थरूर को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई। हालांकि अब इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद की सफाई सामने आई है।
'मेरी तरफ से सब ठीक', बोले थरूर
रविवार को रामलीला मैदान में 'वोट चोरी' के खिलाफ पार्टी की रैली में शामिल ना होने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैं कल विदेश में था। यह एक प्रतिबद्धता थी, जो मैंने छह महीने पहले किया था।" इसी के साथ उन्होंने साफ कहा कि मेरी तरफ से सब ठीक है।
#WATCH | Delhi: On not attending the party's rally against 'Vote Chori' at Ramlila Maidan yesterday, Congress MP Shashi Tharoor says, "I was abroad yesterday. It was a commitment I had made six months ago. From my side, everything is fine." pic.twitter.com/s751iKACUe
— ANI (@ANI) December 15, 2025
वहीं केरल में हालिया संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव पर शशि थरूर ने कहा, "वे (बीजेपी) तिरुवनंतपुरम में जीत गए हैं। लेकिन बाकी सभी जगहों पर यूडीएफ और कांग्रेस पार्टी गठबंधन को बहुत अच्छे नतीजे मिले हैं।"
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मनरेगा के नाम बदलने पर बोले थरूर
वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने MGNREGA का नाम बदले जाने पर कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि महात्मा गांधी का ग्रामीण गरीबों के बारे में बहुत साफ विजन था, जिनकी वे परवाह करते थे। उन्होंने सबसे गरीब इंसान की आंखों से आंसू पोंछने की बात की थी। पिछले 20 साल से हर कोई इस स्कीम को अलग-अलग भारतीय भाषाओं में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के नाम से जानता है। अब इसे क्यों बदलना है? आप योजना की शर्तें बदल सकते हैं। यह सरकार का अधिकार है, लेकिन नाम बदलना गैर-जरूरी है।"
योजना का नाम बदलने पर थरूर का पोस्ट
शशि थरूर ने इससे पहले एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "सरकार के प्रस्तावित नए 'जी राम जी' बिल में मनरेगा का नाम बदलने पर विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्राम स्वराज की अवधारणा और राम राज्य का आदर्श कभी एक-दूसरे के विरोधी नहीं थे; वे गांधीजी की सोच के दो स्तंभ थे। ग्रामीण गरीबों के लिए एक योजना में महात्मा का नाम हटाना इस गहरे जुड़ाव को नजरअंदाज करता है। उनकी आखिरी सांस 'राम' के नाम पर थी; आइए, हम ऐसी जगह बंटवारा करके उनकी विरासत का अपमान न करें, जहां कोई बंटवारा था ही नहीं।"
The controversy over renaming MGNREGA in the Govt's proposed new G-RAM-G Bill is unfortunate. The concept of Gram Swaraj and the ideal of Ram Rajya were never competing forces; they were the twin pillars of Gandhiji’s consciousness. Replacing the Mahatma’s name in a scheme for…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) December 15, 2025
वहीं जब शशि थरूर के पोस्ट पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता विवाद की निंदा कर रहे हैं या नाम बदलने की। इस पर थरूर ने जवाब देते हुए कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि मैं महात्मा के नाम को बदलने का विरोध कर रहा हूं। मेरा ट्वीट पढ़ें
It’s pretty clear that I am objecting to replacing the Mahatma’s name. Read my tweet. (3rd sentence, in case you couldn’t find it).
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) December 15, 2025
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