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मेहुल चोकसी के बाद विदेशी नागरिकता लेने वाले भारतीयों की संख्या हुई दोगुनी

Sun, 09 Dec 2018 09:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Dec 2018 09:17 AM IST
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after Mehul Choksi wealthy Indians are buying new foreign passport
मेहुल चोकसी

चीनी और रूस के नागरिक हालिया सालों में विदेशी नागरिकता खरीदने के मामले में सबसे आगे रहे हैं। लेकिन नवंबर 2017 में हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के एंटीगुआ की नागरिकता खरीदने के बाद अमीर भारतीयों की दिलचस्पी उन देशों की नागरिकता हासिल करने में बढ़ी है, जहां निवेश के बदले रहने का अधिकार मिलता है। ब्रिटेन की कुछ कंपनियां जो विदेशी नागरिकता हासिल करने में मदद करती हैं उनका दावा है कि मेहुल चोकसी के बाद दूसरे देशों की नागरिकता के लिए जानकारी मांगने वाले भारतीयों की संख्या दोगुनी हुई है। 

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हेनले एंड पार्टनर्स का जर्सी स्थित मुख्यालय न केवल जानकारी देता है बल्कि निवेश करके रहने का अधिकार दिलाने में पूरी मदद भी करता है। उनका कहना है कि वैश्विक तौर पर जानकारी हासिल करने वालों की संख्या में 320 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वहीं पिछले साल से भारतीयों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नाइटब्रिज कैपिटल पार्टनर्स एक लंदन स्थित कंपनी है जो अमीर व्यक्तियों को दूसरे देश की नागरिकता बेचती है, उसका दावा है कि भारत से जानकारी हासिल करने वालों की संख्या 70-80 प्रतिशत बढ़ी है।
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अब सवाल उठता है कि भारतीय विदेश में बसने के लिए आखिर जानकारी क्यों हासिल कर रहे हैं? इसका जवाब है- लाइफस्टाइल, शिक्षा, परिवहन, साफ हवा और स्वास्थ्य सेवाएं। इसी कारण चीन और रूस के लोग भी दूसरे देशों की नागरिकता लेते हैं। हेनली एंड पार्टनर्स के दक्षिण एशिया प्रमुख डॉमिनिक वोलेक ने कहा, 'अक्सर यह प्लान बी होता है। हमारे 80-90 प्रतिशत ग्राहक अपना घर नहीं छोड़ते हैं लेकिन दूसरी नागरिकता ले लेते हैं। यदि आपको पुर्तगाल का गोल्डन वीजा मिल जाता है तो आपको वहां सालभर में केवल 7 दिन बिताने होते हैं।' भारत दोहरी नागरिकता की इजाजत नहीं देता है। बहुत से भारतीय निवेश के जरिए रहने के अधिकार को चुनते हैं। वह अपने बच्चों को दूसरे देश के स्कूल में पढ़ाते हैं या फिर अपने पैसे को कहीं और जमा करते हैं। अपना पैसा बचाने के लिए वह सभी तरह के तरीके और रणनीति अपनाते हैं। 
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ग्लोबल वेल्थ माइग्रेशन रिव्यू के अनुसार अधिक आय वाले 7000 भारतीय 2017 में भारत छोड़ चुके हैं। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सबसे पसंदीदा गंतव्य देश हैं। वहीं 30-40 अन्य देश भारतीय पासपोर्ट से ज्यादा सुविधा देते हैं। वोलेक ने कहा, 'भारतीय पासपोर्ट यात्रा के मामले में बहुत ज्यादा अच्छा नहीं है।' पुर्तगाल, ग्रीस और माल्टा बहुत लोकप्रिय हैं क्योंकि बिना दूसरे पासपोर्ट की जरूरत के आपको यहां शेंगेन वीजा (90 दिनों तक शेंगेन क्षेत्र में रहने की इजाजत) मिल जाता है। चोकसी के कदम ने इन विकल्पों को लेकर जागरुकता फैलाने का काम किया है। वकील और टैक्स सलाहकार अमीर क्लाइंट की सिफारिश ग्लोबल कंपनीज को करते हैं जो उन्हें सलाह देती हैं कि वह कैसे और कहां बस सकते हैं।

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