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आर्मी वेलफेयर फंड में पांच करोड़ देकर रिलीज होगी ऐ दिल है मुश्किल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Oct 2016 10:42 PM IST
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फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' होगी रिलीज
- फोटो : ANI
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पाकिस्तानी कलाकार को लेकर विवादों में घिरी फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की मुश्किलें हल हो गई हैं। करन जौहर अब आर्मी वेलफेयर फंड में पांच करोड़ रु पये देकर औैर शुरुआत में उड़ी हमलों के शहीदों की तस्वीर दिखाकर अपनी फिल्म रिलीज कर सकते हैं। इसके साथ ही फिल्म निर्माताओं ने पाकिस्तानी कलाकारों को काम न देने का भी वादा किया है।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मध्यस्थता के बाद फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को लेकर जारी विवाद सुलझ गया। शनिवार की सुबह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे, निर्माता निर्देशक करन जौहर और मुकेश भट्ट ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। कुछ शर्तों के माने जाने के बाद फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ हो गया है। फिल्मी दिवाली के मौके पर रिलीज होगी।
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मध्यस्थता के दौरान हुई बातचीत के मुताबिक फिल्म निर्माता करण जौहर सैनिक कल्याण निधि में पांच करोड़ रुपये देंगे और फिल्म की शुरुआत में उड़ी हमले के शहीदों की तस्वीरें दिखाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इतना ही नहीं, पांच करोड़ रुपये उन सभी फिल्मकारों को भी देना होगा जिन्होंने अपनी फिल्मों में पाकिस्तानी कलाकारों को काम दिया है। फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश भट्ट ने बताया कि फिल्म 28 अक्टूबर को तय समय पर रिलीज होगी।
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राज ठाकरे ने तीन शर्तों पर अपना विरोध वापस लिया है। इस फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार होने के कारण मनसे ने धमकी दी थी कि वह इस फिल्म को सिनेमाघरों में प्रदर्शित नहीं होने देगी। आखिरकार, मुख्यमंत्री फडणवीस ने मध्यस्थता की और फिल्म के निदेशक करन जौहर, मुकेश भट्ट और राज ठाकरे को अपने आवास पर बुलाया। बैठक में फिल्मकारों ने उन्हें आश्वासन दिया कि उड़ी हमले के बाद देश में जनभावना को देखते हुए फिल्मकार पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे।
पाकिस्तानी कलाकारों को न मिले वीजा: पहलाज निहलानी
पहलाज निहलानी
- फोटो : ANI
फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंंह की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने ए दिल है मुश्किल फिल्म विवाद में दखल देकर भारत के कानून को मजबूत किया है। फिल्म इंडस्ट्री को अपनी जिम्मेदारियां समझनी चाहिए और सरकार को चाहिए कि जब तक पाक प्रायोजित आतंकवाद खत्म नहीं होता और पाक से रिश्ते नहीं सुधर जाते तब तक पाकिस्तानी कलाकारों कोे वीजा न दें। ब्यूरो
कायम है सिंगल स्क्रीन वालों का विरोध
करण जौहर की फिल्म ए दिल है मुश्किल को जहां मनसे की हरी झंडी मिल गई है वही, सिनेमा ऑनर्स एग्जीबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओईएआई) के अध्यक्ष नितिन दातार ने इस फिल्म का समर्थन करने से इनकार किया है। वे इस फिल्म का समर्थन नहीं करेंगे। नितिन ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि फिल्मकारों की बातचीत राज ठाकरे से हुई है हमसे नहीं। कुछ शर्तें मानी गई हैं लेकिन कुछ शर्तें बाकी हैं। इससे पहले फिल्म के प्रदर्शन का विरोध करते हुए उन्होंने कहा था कि हमारे देश के राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए हमारे सभी सदस्य और प्रदर्शक ऐसी फिल्में प्रदर्शित करने से परहेज करेंगे जिनमें पाकिस्तानी कलाकारों, तकनीशियनों, निदेशकों, संगीत निर्देशकों वगैरह ने काम किया हो। ब्यूरो
ऐ दिल है मुश्किल को बमुश्किल ही मिलेंगे दर्शक
फिल्म निर्माता करण जौहर की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल के रलीज होने का मार्ग भले ही प्रशस्त हो गया है लेकिन सिनेमाघरों में दर्शक बमुश्किल ही मिलेंगे। जिस तरह सोशल मीडिया पर इस फिल्म के विरोध में टिप्पणियां की जा रही हैं उससे तो यही लगता है। राज ठाकरे का विरोध महज मुंबई और महाराष्ट्र तक सीमित था लेकिन सोशल मीडिया पर इस फिल्म का देशव्यापी विरोध हो रहा है। पठानकोट और उड़ी आतंकी हमले के बाद देश भर में खासकर युवाओं में पाकिस्तान को लेकर भारी गुस्सा है। चूंकि इस फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान ने भूमिका निभाई हैं, इसलिए दर्शकों में विरोध का गुबार अभी तक शांत नहीं हुआ है। बता दें कि इससे पहले बॉलीवुड के बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख खान की फिल्म दिल वाले पिट चुकी है। यदि ऐसा ही कुछ फिल्म ऐ दिल है मुश्किल के साथ भी हो तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। विरोध वापस लेने के बाद राज ठाकरे ने भी यही कहा कि मुझे नहीं लगता कि लोग इसे देखने जाएंगे।
कायम है सिंगल स्क्रीन वालों का विरोध
करण जौहर की फिल्म ए दिल है मुश्किल को जहां मनसे की हरी झंडी मिल गई है वही, सिनेमा ऑनर्स एग्जीबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओईएआई) के अध्यक्ष नितिन दातार ने इस फिल्म का समर्थन करने से इनकार किया है। वे इस फिल्म का समर्थन नहीं करेंगे। नितिन ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि फिल्मकारों की बातचीत राज ठाकरे से हुई है हमसे नहीं। कुछ शर्तें मानी गई हैं लेकिन कुछ शर्तें बाकी हैं। इससे पहले फिल्म के प्रदर्शन का विरोध करते हुए उन्होंने कहा था कि हमारे देश के राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए हमारे सभी सदस्य और प्रदर्शक ऐसी फिल्में प्रदर्शित करने से परहेज करेंगे जिनमें पाकिस्तानी कलाकारों, तकनीशियनों, निदेशकों, संगीत निर्देशकों वगैरह ने काम किया हो। ब्यूरो
ऐ दिल है मुश्किल को बमुश्किल ही मिलेंगे दर्शक
फिल्म निर्माता करण जौहर की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल के रलीज होने का मार्ग भले ही प्रशस्त हो गया है लेकिन सिनेमाघरों में दर्शक बमुश्किल ही मिलेंगे। जिस तरह सोशल मीडिया पर इस फिल्म के विरोध में टिप्पणियां की जा रही हैं उससे तो यही लगता है। राज ठाकरे का विरोध महज मुंबई और महाराष्ट्र तक सीमित था लेकिन सोशल मीडिया पर इस फिल्म का देशव्यापी विरोध हो रहा है। पठानकोट और उड़ी आतंकी हमले के बाद देश भर में खासकर युवाओं में पाकिस्तान को लेकर भारी गुस्सा है। चूंकि इस फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान ने भूमिका निभाई हैं, इसलिए दर्शकों में विरोध का गुबार अभी तक शांत नहीं हुआ है। बता दें कि इससे पहले बॉलीवुड के बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख खान की फिल्म दिल वाले पिट चुकी है। यदि ऐसा ही कुछ फिल्म ऐ दिल है मुश्किल के साथ भी हो तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। विरोध वापस लेने के बाद राज ठाकरे ने भी यही कहा कि मुझे नहीं लगता कि लोग इसे देखने जाएंगे।
मेरी आवाज कुछ लोगों को समझ में आई : राज ठाकरे
राज ठाकरे
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि हमने पाकिस्तानी कलाकारों के खिलाफ जो आवाज उठाई वह फिल्म जगत के कुछ लोगों को समझ में नहीं आ रही थी लेकिन अब समझ में आ गई है। उड़ी हो या पठानकोट हमला, यह आज की बात नहीं है। इसके पहले भी चीजें होती रही हैं। हमने कहा कि फिल्म शुरू होने के पहले शहीदों को श्रद्धांजलि देने की स्लाइड चलाई जाए और किसी पाकिस्तानी कलाकार को काम न दिया जाए।
कांग्रेस, एनएसपी ने कहा सीएम झुक गए
कांग्रेस और एनसीपी ने फिल्म विवाद में फडणवीस की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तानी कलाकार फिल्म में काम करें या नहीं इसका फैसला केंद्र सरकार को लेना है। जबकि उनकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था संभालना है। कांग्रेस ने कहा वह यह देख कर दंग है कि मुख्यमंत्री किस तरह एमएनएस के दबाव के आगे झुक गई।
फिल्म निर्माता और एमएनएस में सहमति
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऐ दिल है मुश्किल पर समझौैता इसलिए संभव हो सका कि फिल्म के निर्माता और एमएनएस दोनों की सोच भारतीय सेना को लेकर एक है। उन्होंने कहा राज ठाकरे ने पैसे की मांग नहीं की। फिल्म के निर्माता ने स्वेच्छा से पांच करोड़ रुपये देने का वादा किया है।
फिल्म की राजनीति में घसीटे जाने से सेना नाराज
सेना में ‘ऐ दिल है मुश्किल’ पर हो रही राजनीति में घसीटे जाने को लेकर अंदरखाने गहरी नाराजगी है। रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि सेना ऐसा अनुदान स्वीकार नहीं करेगी। इस मामले में सरकार के रुख पर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जाहिर तौर पर सेना को इस मामले से दूर रहना चाहिए।
कांग्रेस, एनएसपी ने कहा सीएम झुक गए
कांग्रेस और एनसीपी ने फिल्म विवाद में फडणवीस की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तानी कलाकार फिल्म में काम करें या नहीं इसका फैसला केंद्र सरकार को लेना है। जबकि उनकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था संभालना है। कांग्रेस ने कहा वह यह देख कर दंग है कि मुख्यमंत्री किस तरह एमएनएस के दबाव के आगे झुक गई।
फिल्म निर्माता और एमएनएस में सहमति
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऐ दिल है मुश्किल पर समझौैता इसलिए संभव हो सका कि फिल्म के निर्माता और एमएनएस दोनों की सोच भारतीय सेना को लेकर एक है। उन्होंने कहा राज ठाकरे ने पैसे की मांग नहीं की। फिल्म के निर्माता ने स्वेच्छा से पांच करोड़ रुपये देने का वादा किया है।
फिल्म की राजनीति में घसीटे जाने से सेना नाराज
सेना में ‘ऐ दिल है मुश्किल’ पर हो रही राजनीति में घसीटे जाने को लेकर अंदरखाने गहरी नाराजगी है। रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि सेना ऐसा अनुदान स्वीकार नहीं करेगी। इस मामले में सरकार के रुख पर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जाहिर तौर पर सेना को इस मामले से दूर रहना चाहिए।