पूर्व वायुसेना प्रमुख की सलाह, कश्मीर में छिपे बैठे आतंकियों पर भी हो एयर स्ट्राइक
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पाकिस्तानी सीमा में चल रहे आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों पर हुई एयर स्ट्राइक के बाद पूर्व वायुसेना प्रमुख फाली होमी मेजर ने सरकार को सलाह दी है कि कश्मीर के आतंकियों पर भी एयर स्ट्राइक की जाए। वहां लंबे समय से आतंकियों के साथ लड़ाई चल रही है। हमारे जवान शहीद होते हैं। जब ये पता है कि फलां ठिकाने पर आतंकी छिपे बैठे हैं तो उसे एयर स्ट्राइक के जरिए उड़ा दिया जाए। अगर आमने-सामने की लड़ाई होती है तो थोड़ा बहुत नुकसान हमारे जवानों को भी उठाना पड़ता है।
कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर जरुरी नहीं कि विमानों का ही इस्तेमाल हो, बल्कि हेलिकॉप्टर के जरिए भी वहां गोलीबारी कराई जा सकती है। जहां पर आतंकवादी छिपे बैठे हैं, उस ठिकाने को उड़ाना ही बेहतर है, बशर्ते वहां कोई आबादी न हो। फाली होमी मेजर ने शनिवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा, कश्मीर में आतंकवादियों के गहरे ठिकाने बन चुके हैं। जैसे ही उनके ठिकाने का पता चलता है तो सुरक्षा बल स्ट्राइक कर देते हैं। नतीजा, दोनों तरफ से गोलीबारी होती है।
कई बार दो-चार आतंकी ही हमारे सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचा देते हैं। इसमें कभी अफसर शहीद होते हैं तो कभी जवान। अगर हमें पता है कि आतंकवादी फलां घर में छिपे हैं और वहां कोई भी सिविल आबादी नहीं है तो उस ठिकाने को उड़ा देना चाहिए। हेलीकॉप्टरों की मदद से ऐसे ठिकानों को तबाह किया जा सकता है। पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कहा, एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान बौखला गया है।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी आतंकवाद के खिलाफ एयर स्ट्राइक का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाल में हुई एयर स्ट्राइक को नाकाफ़ी बताते हुए मेजर बोले, हमें अभी चौकसी बरतनी होगी। जिस तरह पाकिस्तान हमारे देश में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, उसके मद्देनजर भारत को बड़ी एयर स्ट्राइक करनी चाहिए थी।
पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख लंबे समय तक बरकरार रखना होगा: डीएस हुड्डा
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा) डीएस हुड्डा, जिन्होंने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई सर्जीकल स्ट्राइक का नेतृत्व किया था और वे अब कांग्रेस पार्टी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं, का कहना है कि पाकिस्तान से निपटना सिर्फ सेना के सहारे संभव नहीं है। इसके लिए भारत को राजनीतिक इच्छाशक्ति और कूटनीति के रास्ते पर भी काम करना होगा।
महज एक सर्जिकल स्ट्राइक से कुछ नहीं होगा। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो कड़ा रुख अपनाया है, उसे लंबे समय तक जारी रखना होगा। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने जो कार्रवाई की है, वह एक मजबूती भरा फैसला था। सेना के साथ-साथ कूटनीति का इस्तेमाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एयर मार्शल पीके रॉय (सेवानिवृत) का कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ अब लगातार सख्ती बरतनी होगी। सेना और कूटनीति, दोनों मोर्चों पर सरकार को आगे बढ़ना होगा।