बरेली में छुपा है जवाहर बाग कांड का आरोपी राकेश
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मथुरा के जवाहर बाग कांड के खलनायक रामवृक्ष यादव का करीबी बदायूं निवासी राकेश बाबू गुप्ता बरेली में छिपा हुआ है। हिंसा के अगले ही दिन उसे बरेली के विशाल मेगामार्ट में रेडीमेड कपड़े खरीदते देखा गया था। खुफिया एजेंसियां उसका पता लगाने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक उसके बारे में ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।
उधर बदायूं में राकेश गुप्ता के बैंक खाते भी खंगाले जा रहे हैं। पता चला है कि जवाहर बाग कांड के बाद उसने एक बैंक खाते से मोटी रकम निकाली है। उसके खाते में कितनी रकम है यह अभी पता नहीं चल पाया है। उस पर मथुरा पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जवाहर बाग कांड के बाद से राकेश गुप्ता फरार है। उसकी बदायूं के सिविल लाइंस इलाके में भी कोठी है। यहां ताला पड़ा हुआ है।
बदायूं के थाना हजरतपुर के शाहपुर गढिया गांव का रहने वाला राकेश गुप्ता रामवृक्ष यादव का सबसे करीबी था। 26 फरवरी को राकेश की बेटी की शादी में रामवृक्ष आया था। वह साधन सहकारी समिति प्रसिद्धि पुर गांव का सचिव था। कटरी इलाके में हथियार और बारूद इकट्ठा करने के बाद वह रामवृक्ष तक पहुंचाता रहा। रामवृक्ष यादव के संपर्क में आने के बाद राकेश गुप्ता मालामाल हो गया।
बरेली में और साथी होने की है उम्मीद
सूत्रों का कहना है कि राकेश मथुरा की हिंसा के बाद बरेली में आकर छिप गया है। तीन जून को उसे यहां देखा गया। बरेली में उसके और भी साथियों के होने की उम्मीद है। इसके चलते खुफिया विभाग, एसटीएफ और पुलिस को अलर्ट कर दिया है। उन लोगों के बारे में पुलिस डिटेल जुटा रही है, जो 2013 में रामवृक्ष के साथ बारादरी थाने में घुसे थे।
एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि राकेश गुप्ता के बरेली में होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। हालांकि हम एहतियात बरत रहे हैं। मथुरा से किसी परिवार आने की सूचना मिलती है तो उसके बारे में पता कराकर जानकारी वहां के अफसरों को दी जाएगी।
राकेश गुप्ता का दातागंज स्थित सहकारी बैंक में एक खाता ट्रेस कर लिया गया है। बाकी खाते भी जल्द ट्रेस कर लिए जाएंगे। सिविल लाइंस एरिया में उसके घर में अब भी ताला पड़ा है। आरोपी की तलाश की जा रही है। उसकी लोकेशन के बारे में अभी ज्यादा नहीं बताया जा सकता।
-अशोक कुमार, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, बदायूं