{"_id":"5bb1acb7867a554f135b8ce0","slug":"according-to-study-use-of-mobile-phones-can-increase-chances-of-brain-tumour","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधे घंटे से ज्यादा फोन पर की बात तो बढ़ सकता है ब्रेन ट्यूमर का खतरा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आधे घंटे से ज्यादा फोन पर की बात तो बढ़ सकता है ब्रेन ट्यूमर का खतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अक्सर लोग स्मार्टफोन पर घंटों तक बात करते रहते हैं। लेकिन वह ये बात नहीं जानते कि ऐसा करना उनके लिए कितना खतरनाक हो सकता है। हाल में हुए अध्ययन से पता चला है कि स्मार्टफोन को कान से चिपकाकर आधा घंटे से ज्यादा समय तक बात करने से 10 साल के बाद ब्रेन ट्यूमर होने की आशंका दोगुनी हो जाती है।
विज्ञापन
आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर गिरीश कुमार ने दावा किया है कि उन्होंने हाल ही में देश के कई ईएनटी विशेषज्ञों से बात की है और इसकी रिपोर्ट भी प्रकाशित की। विशेषज्ञों ने बताया कि बहरापन और ब्रेन ट्यूमर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि उनके हाल ही में किए गए सर्वे में ज्यादातर लोगों का मानना है कि देर तक मोबाइल फोन पर बात करने के बाद उनके कान गरम हो जाते हैं।
विज्ञापन
खून का तापमान बढ़ जाता है
जांच करने पर पता चला कि मोबाइल पर 20 से 30 मिनट तक बात करने से माइक्रोवेव रेडिएशन शरीर में प्रवेश करता है। इससे ईयर लोब का खून गरम हो जाता है और खून का तापमान भी एक डिग्री तक बढ़ जाता है।
विज्ञापन
और भी हैं खतरे
मोबाइल फोन को लेकर और भी कई तरह के खतरों के बारे में बताया गया है। एक अध्ययन से पता चला है कि मोबाइल फोन को देर तक पैंट में रखने से नपुंसकता का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा इसके इस्तेमाल से ट्यूमर, अल्जाइमर, ब्लड प्रेशर का खतरा, एलर्जी और अवसाद जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।