यहां 7000 हजार जनधन खाते कर दिए ब्लॉक, नोटबंदी के बाद जमा हुए लाखों
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जन धन योजना के अंतर्गत खुले खातों के माध्यम से दूसरे लोगों का काला धन खपाने वालों पर आरबीआई का डंडा चलने लगा है। आरंभिक जानकारी मिली है कि नोटबंदी के बाद संभल के विभिन्न बैंकों में जनधन के सात हजार खातों में एकाएक पचास हजार से ज्यादा रुपये जमा कराए गए। इससे पूर्व इन खातों में धेला भी नहीं था।
इन खातों को ब्लॉक कर दिया गया है। सभी खाताधारकों को नोटिस जारी कर रुपये का स्रोत बताने को कहा गया है। अगले आदेश तक इन खातों से जमा-निकासी का कोई लेनदेन नहीं होगा। जिले में 3 लाख 91 हजार जन धन खाते खोले गए हैं।
नोट बंदी से पहले केंद्र सरकार की योजना के तहत जगह-जगह बूथ लगाकर जन धन योजना के खाते खोले गए थे। आठ नवंबर तक इनमें से अधिकांश खाते खाली थे। लेकिन नोटबंदी के आदेश के बाद इन खातों में अचानक पैसे जमा होने शुरू हो गए।
तीन दिसंबर तक सभी बैंकों से रिपोर्ट मांगी गई
आरबीआई ने सूचना मिलने पर इन खातों में जमा करने पर रोक लगा दी थी। सभी खातों की जानकारी की जा रही है। आरबीआई के निर्देशों का पालन करते हुए संभल जिले के सात हजार जनधन खातों को ब्लॉक कर दिया गया है। इन खातों में निर्धारित सीमा 50 हजार रुपये से कहीं अधिक 2.50 लाख रुपये और उससे अधिक की जमा हुई है।
एलडीएम सतीश कुमार ने बताया कि इन सभी खाताधारकों को नोटिस जारी किए गए हैं। आयकर विभाग भी इन खातों पर अपनी निगाह बनाए हुए है। तीन दिसंबर तक सभी बैंकों से रिपोर्ट मांगी गई है। डिटेल रिपोर्ट आरबीआई को भेजी जाएगी।
कितना रुपया जमा हुआ, उसका स्रोत क्या था इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, इन खातों से किसी तरह का लेनदेन अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
संभल जनपद में 3 लाख 91 हजार जन योजना के तहत खाते खोले गए थे। नोट बंदी के बाद से लगभग 7000 हजार खातों में लाखों रुपये जमा हुए है। ऐसे में इन्हें ब्लाक कर दिया गया है। इन सभी खातों की समीक्षा करने के लिए 3 दिसंबर को बैठक होगी।
सतीश कुमार, लीड बैंक मैनेजर